रेवाड़ी के कस्बा बावल में जुलाई 2015 में आयोजित रैली के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने मनेठी गांव में AIIMS बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए मनेठी की पंचायत की तरफ से 210 एकड़ से ज्यादा जमीन दी गई। कई साल ये घोषणा फाइलों में ही अटकी रही। करीब 1 साल तक मनेठी के ग्रामीणों ने AIIMS के लिए संघर्ष किया।

उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में मनेठी में AIIMS बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसी बीच वन सलाहकार समिति की तरफ से मनेठी की जमीन को वन क्षेत्र बताते हुए उस पर आपत्ति लगा दी गई।

पर्यावरण विभाग की आपत्ति के चलते इस जमीन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद साथ लगते माजरा गांव के ग्रामीणों ने AIIMS के लिए जमीन की पेशकश की। सरकार ने पंचायती जमीन के साथ ही गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण भी किया। 210 एकड़ जमीन मिल चुकी है। लेकिन, कई माह से मामला टेंडर के चलते अटका हुआ था। 28 दिसंबर को AIIMS के निर्माण को लेकर टेंडर फाइनल हुआ।

AIIMS के बनने के बाद यहां के लोगों को खासकर रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, मेवात, पलवल व फरीदाबाद समेत राजस्थान के अलवर आदि जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। AIIMS में प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हरियाणा को केंद्र सरकार की ओर से सौगात मिलेगी। AIIMS 750 बिस्तरों का अस्पताल होगा।

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