हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी के 3 हत्यारों की हरियाणा पुलिस ने फोटो जारी की है। आशीष उर्फ बाबा नांगलोई, दीपक उर्फ नकुल सांगवान और अतुल नजफगढ़ की सूचना देने वाले को पुलिस ने एक-एक लाख रुपए देने का ऐलान किया है।

वहीं हत्याकांड में यूज हुई कार रेवाड़ी जंक्शन की कार पार्किंग से बरामद हो गई है। एसपी अर्पित जैन ने इसकी पुष्टि की।

रेवाड़ी GRP थाना प्रभारी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि स्टेशन के बिल्कुल बगल वाली पार्किंग में ये कार 25 फरवरी की रात ही खड़ी की गई थी। आरोपियों ने पार्किंग की पर्ची भी कटवाई हुई है। कार को झज्जर पुलिस को सौंप दिया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी उसी रात रेवाड़ी जंक्शन से किसी ट्रेन में सवार होकर फरार हुए है। पुलिस की टीमें स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लगी हुई है।

झज्जर SP अर्पित जैन ने बताया कि हत्या में यूज हुई कार एक से दूसरे लोगों के पास गई। कुछ लोगों को राउंडअप किया गया है। परिवार को धमकी देने वाले राजस्थान के रहने वाले दिलीप सिंह नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि अभी शुरुआती पूछताछ में उसका किसी गैंगस्टर के साथ कोई संपर्क नहीं पता लगा।

इतना जरूर पता लगा है कि दिलीप सिंह सोशल मीडिया पर कुछ गैंगस्टर को फॉलो करता था। शुरुआती तौर पर यह भी पता चला कि वह मानसिक रूप से बीमार है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए उसकी मेडिकल जांच करवाई जा रही है।

नफे सिंह राठी की हत्या में शूटरों की इस्तेमाल की गई कार फरीदाबाद की थी। हालांकि कत्ल वाले दिन उस पर स्कूटी का नंबर लगा हुआ था। पुलिस कार मालिक की तलाश में पहले विष्णु नाम के युवक के घर पहुंची। उसने कहा कि ये कार उसके भाई नीरज ने खरीदी थी।

हालांकि उनका नीरज से कोई वास्ता नहीं, उसे बेदखल कर रखा है। विष्णु ने रोहतक पुलिस और बहादुरगढ़ एसटीएफ को यह भी कहा कि उसके भाई ने कार की किश्तें नहीं भरी और उसे 2021 में तरुण नागर को बेच दी।

तरुण ने इसे गाजियाबाद के इमरान को बेची। पुलिस इमरान के घर पहुंची तो उसने कहा कि ग्रेटर फरीदाबाद के मोनू को यह कार बेच चुका है। पुलिस उसके घर पहुंची तो मोनू फरार मिला। मोनू गाड़ियों की सेल-परचेज का काम करता है।

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