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IIRF रैंकिंग में पीजीआईएमएस देश के टॉप 5 मेडिकल कॉलेजों में शामिल : कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल

रोहतक, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के लिए आज गौरव का दिन है। प्रतिष्ठित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क इंडिया रैंकिंग 2026 में पीजीआईएमएस ने देश के शीर्ष मेडिकल संस्थानों में अपनी जगह पक्की कर ली है। आईआईआरएफ की ताजा सूची के अनुसार पीजीआईएमएस रोहतक को देशभर में 5वीं रैंक मिली है। इसके साथ ही यह हरियाणा का नंबर 1 और नॉर्थ जोन का तीसरा सर्वश्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज भी बना है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि यह रैंकिंग पीजीआईएमएस परिवार की मेहनत, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का प्रमाण है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं, बल्कि समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। पिछले कुछ वर्षों में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया, नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू किए और शोध को बढ़ावा दिया। आज उसका परिणाम हमारे सामने है। यह रैंकिंग हमें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। कुलपति डॉ अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में पीजीआईएमएस अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने सभी संकाय सदस्यों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।डॉ अग्रवाल ने बताया कि आईआईआरएफ की 2026 की रैंकिंग में पीजीआईएमएस ने एक साथ कई क्षेत्रों में बाजी मारी है। मेडिकल में देश में 5वां स्थान, डेंटल में देश में 6वां और हरियाणा में पहला स्थान, फिजियोथेरेपी* में देश में 4था और हरियाणा में पहला स्थान तथा फार्मेसी मे फार्मेसी कॉलेज को देश में 9वां और हरियाणा में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। नॉर्थ जोन में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी और फिजियोथेरेपी चारों में पीजीआईएमएस टॉप 4 में शामिल है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है।कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में पीजीआईएमएस को देश के टॉप 3 में लाना हमारा लक्ष्य है। इसके इंटरनेशनल कोलैबोरेशन और अत्याधुनिक रिसर्च पर काम किया जा रहा है।कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि इस रैंकिंग का श्रेय विश्वविद्यालय की पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और समयबद्ध कार्यों को जाता है। उन्होंने कहा कि छात्र कल्याण से जुड़े सभी काम तय समय पर पूरे किए जा रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है। डॉ रूप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के अनुसार आधुनिक पाठ्यक्रम, सिमुलेशन लैब, स्किल लैब और रिसर्च को प्राथमिकता दी गई है। इसी का नतीजा है कि हमारे एमबीबीएस, बीडीएस, बीपीटी और बी फार्मेसी के छात्र नीट पीजी जैसी अन्य परीक्षाओं में भी टॉप कर रहे हैं।डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम. जी. वशिष्ठ ने कहा कि वे इस उपलब्धि के लिए डेंटल कॉलेज की प्राचार्य डॉ मनु राठी, फिजियोथैरेपी के प्राचार्य डॉ रूप सिंह, फार्मेसी कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य डॉ नवीन खत्री सहित सभी प्राचार्य ओर उनकी टीम को बधाई देते हैं। कार्यकारी निदेशक और डीन पीजीआईएमएस डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि अस्पताल में मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल रहा है। नवीनतम मशीनों से इलाज, ट्रामा सेंटर और 24×7 इमरजेंसी सेवाओं के कारण न केवल हरियाणा बल्कि राजस्थान, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर से भी मरीज यहां आ रहे हैं। मरीजों की संतुष्टि और इलाज की गुणवत्ता भी रैंकिंग का अहम पैमाना रही है।इस उपलब्धि पर सीनियर प्रोफेसर इंचार्ज जनसम्पर्क विभाग डॉ. मंजुनाथ ने कहा कि कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व में पीजीआईएमएस ने पिछले 3 वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। डॉ. मंजुनाथ ने कहा कि गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर, टेली-मेडिसिन और जनजागरूकता अभियान चलाकर विश्वविद्यालय ने समाज से सीधा जुड़ाव स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह रैंकिंग हरियाणा के युवाओं के लिए गर्व की बात है क्योंकि अब उन्हें बेहतर मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे प्रदेश नहीं जाना पड़ेगा।डॉ मंजूनाथ ने बताया कि आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग टीचिंग-लर्निंग, रिसर्च, इंडस्ट्री इंटरेक्शन, प्लेसमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल इम्पैक्ट जैसे 7 मापदंडों पर दी है। एम्स दिल्ली, चेन्नई, जेआईपीएमईआर पुडुचेरी और केजीएमयू लखनऊ के बाद पीजीआईएमएस रोहतक का नाम आना अपने आप में बहुत बड़ी गर्व की बात है।

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