रोहतक के वार्ड 18 में लोगों का पानी को लेकर बुरा हाल है। वार्ड के लोगों का कहना है कि नलों से गोबर मिला पानी आता है, जो पीना तो दूर, अन्य किसी काम भी नहीं ला सकते। पानी से बदबू आती है। ऐसे में लोगों को जमीन के पानी या बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।
वार्ड के लोगों का कहना है कि पीने के पानी की समस्या काफी सालों से है। पानी में बदबू आती है। नल को भी खोलते हैं तो उसमें से गोबर मिला पानी आती है। इसके बारे में पहले के पार्षदों, मेयर, अधिकारियों व विधायक को शिकायत कर चुके है, लेकिन समाधान कुछ नहीं होता।
लोगों का कहना है कि जब नल में से पीने लायक पानी ही नहीं आता तो ऐसे कनेक्शन को लेकर क्या करें। पानी भी नहीं मिल रहा और बिल भी भरना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग पानी के कनेक्शन को काट ले, ताकि बिल तो न भरना पड़ेगा। आज भी पानी खरीद रहे हैं, आगे भी खरीद लेंगे।
वार्ड 18 के लोगों ने कहा कि चंडीगढ़ से जनस्वास्थ्य विभाग की एक टीम वार्ड में आई थी, लेकिन उनके यहां से पानी का सैंपल नहीं लिया गया। उन्हें गोबर वाला पानी भी दिखाया, लेकिन टीम बिना सैंपल लिए चली गई। उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा।
उषा रानी ने बताया कि पीने का पानी कई दिनों से नहीं मिल रहा। जब भी नल खोलते हैं तो गोबर मिला पानी आता है। मजिस्ट्रेट को शिकायत कर चुके हैं। शिकायत के एक दो दिन तो पानी ठीक आएगा, उसके बाद फिर गोबर मिला पानी आती है। पानी में गोबर कहां से मिलता है, यह तो विभाग ही जाने। जब पानी ही नहीं मिल रहा तो वह बिल भी नहीं भरेंगे, भले ही विभाग अपना कनेक्शन काट लें।
नीलम ने बताया कि पीने के पानी की समस्या काफी सालों से है। करीब 5 साल पहले पानी का कनेक्शन ही हटवा दिया था, क्योंकि नल से गोबर मिला पानी आता था। अब सबमर्सिबल लगवा रखा है, जिससे घर के सारे काम करते है। पानी भी जमीन का ही पीने लगे है। जब पानी ही नहीं आएगा तो कनेक्शन लेकर क्या करें।
मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि पानी को लेकर जो भी समस्याएं लोगों के सामने आ रही है, उनका जल्द समाधान करवाया जाएगा। चंडीगढ़ की टीम ने सैंपल लिए है। इसके बाद भी जहां गंदा पानी पहुंच रहा है, वहां अधिकारियों को भेजा जाएगा और लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी
