हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र के खांडा खेड़ी गांव के रहने वाले पवन सिंधु ने देश की सेवा करते हुए अरुणाचल प्रदेश में शहादत पाई. शुक्रवार को पेट्रोलिंग के दौरान पहाड़ी से फिसलकर गिरने से उनका निधन हो गया. जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
शहीद पवन सिंधु 13 राजपूताना राइफल्स में तैनात थे और इन दिनों अरुणाचल प्रदेश के चीन सीमा के नजदीक बड़ा रूपक क्षेत्र में ड्यूटी पर थे. उनकी यूनिट 13 दिनों की पेट्रोलिंग मिशन पर थी. शुक्रवार को पेट्रोलिंग के आखिरी दिन वे पहाड़ी किनारे खड़े थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरी खाई में गिर पड़े. साथी जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और काफी प्रयास के बाद उन्हें ऊपर लाया गया, लेकिन सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई.
सेना अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई. शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा, जहां से सेना की टीम उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव खांडा खेड़ी लेकर आएगी. गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.
पवन सिंधु ने 2003 में भारतीय सेना में भर्ती होकर सेवा की शुरुआत की थी. साल 2006 में उनका विवाह झमोला निवासी रीतू से हुआ था. उनके दो बेटे सौम्य (17) और विनय (16) है, जो कि इस समय जुलाना के एक निजी स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ाई कर रहे हैं.
इस दुखद खबर के बाद गांव खांडा खेड़ी में शहीद के घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है. आसपास के इलाकों से लोग अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं. पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है. ग्रामीणों ने कहा कि पवन सिंधु की शहादत गांव और राज्य के लिए गौरव की बात है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.
