हरियाणा में पटवारियों ने 3 से 5 जनवरी तक सांकेतिक हड़ताल पर जाएंगे। पटवारियों में रोष हे कि सरकार ने अभी तक बढ़ाए गए वेतनमान को लेकर नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। द पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारी सांकेतिक धरना देंगे। धमकी दी है कि सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नही लेती है तो सांकेतिक धरने को अनिश्चित कालीन हडताल में बदल दिया जाएगा।
द पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयबीर सिंह चहल ने सोमवार को पटवारखाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनका संगठन उपमुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री से भी कई बार मिल चुके है। समय लेने के लिए मुख्यमंत्री को भी ई-मेल भेजी गई थी। जिसका जवाब आज तक भी नही आया है।
मांग की जा रही है कि नायब तहसीलदार की विभाग की परीक्षा जो साल में दो बार करवाए जाने का प्रधान है, वह तीन साल बीतने पर एक बार भी नही हुई है। जिससे कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो रहे हैं। सकार इस परीक्षा को जल्द से जल्द करवाए। पटवारियों का जो प्रशिक्षण काल है, उसे सेवा काल में जोड़ा जाए क्योंकि प्रशिक्षण काल डेढ़ वर्ष का है और इसमें पटवारी डेढ़ वर्ष देते हैं। जबकि किसी भी अन्य विभाग में ऐसा नही है।
पटवारियों को कंप्यूटर की विभागीय ट्रेनिंग करवाई जाए, ताकि पटवारी अपना कार्य खुद से कर सकें और उन्हें किसी आप्रेटर के अधीन न होना पड़े। इसके लिए पटवारियों को लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पटवारी की संख्या जहां चार हजार के आसपास होनी चाहिए थी, अब मात्र 1400 पटवारी ही काम कर रहे हैं। जिससे पटवारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है।
ऐसे में सरकार यथाशीघ्र पटवारी की नियमित भर्ती करे ताकि जनता के काम भी समय पर हो सकें। उन्होंने कहा कि 2019 से गिरदावरी कंप्यूटर सहायक का पैसा आजतक भी नही मिला है। 2016, 2019 व 2023 तीनों बैच एक वेतनमान 32100 पर आ गए हैं। जिस से चंद पटवारियों के वेतनमान में मात्र 700 रुपए का लाभ हुआ है। ऐसे में 2016 से पहले वालों को इस निर्णय से एक रुपए का भी लाभ नही पहुंचा है बल्कि इंक्रीमेंट व एसीपी की हानि हुई है।

