जिले के बड़ौली गांव निवासी 16 वर्षीय छात्र शेखर की इलाज के दौरान मौत के बाद बुधवार को परिजनों ने GT रोड पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने बेटे का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।
हंगामे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए। डीएसपी ने मृतक की मां को मोबाइल फोन में आरोपियों की गिरफ्तारी की वीडियो दिखाकर समझाने का प्रयास किया। वहीं जब पुलिस शव को उठाने लगी तो शेखर की बहन एम्बुलेंस के आगे खड़ी हो गई और विरोध जताया।
करीब दो घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शव को गांव ले जाने के लिए राजी हुए, लेकिन पानीपत टोल प्लाजा के पास CIA थाने के नजदीक उन्होंने एक बार फिर एम्बुलेंस रुकवा दी और सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। पुलिस अब तक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ऑटो हटाने के विवाद में हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार बड़ौली गांव निवासी रामेश्वर का ऑटो घर के बाहर गली में खड़ा रहता था। इसी बात को लेकर उनके बड़े भाई कृष्ण लाल के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। 22 अप्रैल को इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई थी।
रामेश्वर का आरोप है कि उसी दिन वह अपने बेटे शेखर के साथ घर लौट रहे थे, तभी कृष्ण लाल और उसके परिवार के सदस्य अजय, विजय, बिमला तथा लोकेशा ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया और शेखर के सिर पर इंटरलॉक ईंट से वार किया। गंभीर चोट लगने के बाद शेखर सड़क पर गिर पड़ा। आरोपियों ने रामेश्वर के साथ भी मारपीट की और ऑटो का शीशा तोड़ दिया।
दो महीने तक वेंटिलेटर पर रहा छात्र
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल शेखर को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक रेफर किया गया था। पिछले करीब दो महीने से उसका इलाज चल रहा था और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। मंगलवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शेखर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। वह पानीपत के एक निजी स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
एसपी बोले- आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लिया जाएगा
पानीपत के पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में पहले से हत्या के प्रयास (धारा 307) का मुकदमा दर्ज है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेखर की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। गिरफ्तार आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लिया जाएगा और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एसपी ने बताया कि मामले की जांच CIA को सौंप दी गई है। वहीं परिजनों द्वारा जांच अधिकारी पर दुर्व्यवहार के लगाए गए आरोपों के बाद संबंधित अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

