पंचकूला। पंचकूला के सरकारी स्कूल में मारपीट की घटना में घायल हुई KG की बच्ची को बुधवार सुबह चंडीगढ़ PGI से छुट्टी दे दी गई। बच्ची का करीब सात दिन तक अस्पताल में इलाज चला। फिलहाल वह अपने चाचा के फ्लैट पर रहेगी। डिस्चार्ज होने के बाद उसकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह चाचा की गोद में नजर आ रही है।
बच्ची के चाचा ने बताया कि डॉक्टरों ने मंगलवार शाम को ही उसे स्वस्थ बताते हुए छुट्टी देने की बात कह दी थी। हालांकि, बच्ची को खांसी-जुकाम की शिकायत है।
उधर, घटना में आरोपी छात्र का मेंटल असेसमेंट टेस्ट हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में उसका व्यवहार असामान्य पाया गया है और डॉक्टरों ने इलाज की सिफारिश की है। अब उसे जल्द ही दोबारा जुवेनाइल जस्टिस (JJ) बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा।
आरोपी छात्र की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट पर होगी सुनवाई
आरोपी छात्र का मानसिक आकलन कराया गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच में उसके व्यवहार को असामान्य बताया गया और डॉक्टरों ने इलाज की सलाह दी है।
अब JJ बोर्ड मानसिक स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट और काउंसलर की राय की समीक्षा करेगा। इसके बाद बोर्ड आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
स्कूल का कमरा नंबर-19 अब भी जांच के लिए बंद
घटना के बाद सरकारी स्कूल के कमरा नंबर-19 को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। यह कमरा 11वीं कक्षा के आर्ट्स-2 सेक्शन को आवंटित है, लेकिन घटना के बाद से यहां पढ़ाई बंद है।
स्कूल की सीनियर विंग की दोपहर 12:15 बजे छुट्टी होने के बाद कमरे को रोजाना लॉक कर दिया जाता है। घटना के तुरंत बाद कमरे की वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। जांच टीम के निर्देश पर इसे अब तक सुरक्षित रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर दोबारा साक्ष्य जुटाए जा सकें।
प्रिंसिपल और स्टाफ से पांच घंटे तक पूछताछ
मामले की जांच के लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की टीम मंगलवार को स्कूल पहुंची। टीम ने करीब पांच घंटे तक निलंबित प्रिंसिपल और स्कूल स्टाफ से पूछताछ की।
जांच टीम के साथ एक मनोचिकित्सक भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि अप्रैल 2024 में आरोपी छात्र का दाखिला होने के बाद से उसके व्यवहार में क्या बदलाव आए। साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या स्कूल प्रबंधन ने छात्र के व्यवहार को लेकर कभी उसके परिवार से बातचीत की थी।
समाजसेवी बच्ची की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे
इस घटना के बाद बच्ची की मदद के लिए समाजसेवी अनिल थापर आगे आए हैं। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई पूरी होने तक उसका पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है।
अनिल थापर के अनुसार, बच्ची पढ़ाई में अच्छी है और खेलकूद में भी सक्रिय रहती है। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए बच्ची से बातचीत की है। इसके अलावा PGI में उसके पिता से भी मुलाकात की थी।
सात दिन अस्पताल में चला इलाज
28 अक्टूबर को सरकारी स्कूल के क्लासरूम में हुई मारपीट की घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। फुटेज के अनुसार, आरोपी छात्र ने बच्ची के साथ करीब 96 सेकेंड तक मारपीट की थी। बच्ची के सिर, माथे और नाक पर चोटें आई थीं।
अब PGI से छुट्टी मिलने के बाद बच्ची अपने परिवार के पास है। वहीं, आरोपी छात्र की मानसिक स्थिति, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
