हरियाणा के पानीपत से पुलिस ने पाकिस्तानी जासूस पकड़ा है। वह पाकिस्तानी आतंकी इकबाल के अलावा वहां के कई संगठनों के टच में था। वह उन्हें वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया एप के जरिए भारत की खुफिया जानकारी भेज रहा था। इनमें ज्यादातर जानकारी रेलवे स्टेशनों से जुड़ी हुई है।
पुलिस ने उसके नंबर से हो रही संदिग्ध गतिविधि को ट्रेस करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरूआती जांच में पता चला कि पकड़ा गया जासूस नौमान इलाही मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला है। वह यहां एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था।
नौमान की पाकिस्तान की ट्रैवल हिस्ट्री भी सामने आई है। पता चला कि उसकी बुआ और मौसी पाकिस्तान में रहती है। अब पुलिस पता कर रही है कि नौमान कब और कैसे पाकिस्तान गया। फिलहाल, वह छह दिन की पुलिस रिमांड पर है। 20 मई को उसे कोर्ट में दोबारा पेश किया जाएगा।
कार्यकारी SP गंगाराम पूनिया के मुताबिक नौमान इलाही (24) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कैराना के मोहल्ला बेगमपुरा का रहने वाला है। वह करीब दसवीं तक ही पढ़ा है। उसके दो भाई और तीन बहनें हैं। उसकी एक बहन जीनत की शादी पानीपत में हुई है। जीनत यहां मनमोहन कॉलोनी में रहती है। नौमान भी उसी के पास रह रहा था। जीजा इरफान की माने तो नौमान यहां करीब 4 माह पहले ही आया था।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि नौमान ने शुरुआत में पानीपत में फैक्ट्री में काम किया। यहां उसकी जान पहचान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले रजनीश तिवारी नाम के व्यक्ति से हो गई। रजनीश एक सिक्योरिटी एजेंसी चलाता है। उसके जरिए ही वह पानीपत की सेक्टर 29 स्थित एक कंबल फैक्ट्री में बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी करने लगा।
SP के मुताबिक, नौमान शनिवार को दिन में अपनी बहन के घर से निकला था। घर में वह दिल्ली जाने की बात कहकर निकला था। मगर, रात को नहीं लौटा। पहले भी वह कई-कई दिन गायब रहता था, इसलिए परिजनों ने इस बारे में चिंता नहीं की। रविवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम उसकी बहन जीनत के घर पहुंची और जासूसी के आरोप में उसके पकड़े जाने की सूचना दी।
पानीपत पुलिस के मुताबिक 6-7 मई की रात भारत की पाकिस्तान पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एयर स्ट्राइक के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर हो चुका है। फिर भी पुलिस एहतियाती तौर पर संदिग्धों की जांच कर रही है। इसी मामले में नौमान इलाही के फोन नंबर से पाकिस्तान संपर्क होने की बात सामने आई। जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर जांच की गई।
पुलिस ने जब उसके मोबाइल की जांच की तो पता चला कि वह पाकिस्तान में इकबाल नाम के आतंकी के संपर्क में था। इकबाल के अलावा भी वह कई पाकिस्तानी संगठनों से जुड़कर भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भेज रहा था। पुलिस सूत्रों की माने तो सबसे ज्यादा जानकारी रेलवे स्टेशनों की भेजी गई है। इसमें वीडियो से लेकर फोटो और मैप भी शामिल बताए गए हैं।
पुलिस सोर्सेज के मुताबिक उस पर शक है कि नौकरी उसने एक आड़ के लिए की। उसका असली काम यहां रहकर देश की हर एक छोटी-बड़ी मूवमेंट के बारे में पाकिस्तान को सूचना देने का था। जानकारी मिली है कि वह हर फोटो और वीडियो के 4-5 हजार रुपए ले रहा था। पाकिस्तान के कई ग्रुपों को वह यह जानकारी देता था और सबसे अलग-अलग रुपए ले रहा था। हर दूसरे दिन एक वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था।
पुलिस सूत्रों की माने तो नौमान की पाकिस्तान की ट्रैवल हिस्ट्री भी मिली है। उसके पिता अहसान इलाही और माता कौसर बानो की करीब 5 साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी बुआ और मौसी पाकिस्तान में रहती है। जांच में यह भी सामने आया है कि नौमान पानीपत में रहकर पासपोर्ट बनवाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या पासपोर्ट को रिन्युअल करा रहा था या नया बनवाना था। पाकिस्तान वह वैध या अवैध तरीके से गया? इसका पता भी पुलिस कर रही है।

