रोहतक की सुनारिया जेल में एक बंदी ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। हालांकि उसकी बैरक में बंद दूसरे बंदियों के शोर मचाने पर उसे बचा लिया गया। इस बंदी को एक साल पहले ही रोहतक की सुनारिया जेल शिफ्ट किया गया था। रोहतक की शिवाजी कॉलोनी थाना में बंदी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक खुदकुशी की कोशिश करने वाला बंदी इमादुल्ला उर्फ अली बाबर है। वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिला ओकारा में वासीवाला का रहने वाला है। उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगाया जाने वाले एक्ट UAPA की धारा 16, जानलेवा हमला करने व आर्म्स एक्ट के तहत जम्मू कश्मीर के बारामुला के थाना उरी में केस दर्ज है।
इसके अलावा दो अन्य केस भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। इन केसों में सरकार के आदेश पर केंद्रीय जेल कोट भलवाल (जम्मू कश्मीर) से बदलकर 10 अप्रैल 2023 को रोहतक की सुनारिया जेल में लाया गया था। इसके बाद से इमादुल्ला उर्फ अली बाबर सुरक्षा वार्ड में रखा गया था।
जेल के उप अधीक्षक साजिद खान ने शिवाजी कॉलोनी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20-21 अप्रैल की रात करीब 12 बजे बंदी इमादुल्ला उर्फ अली बाबर ने अपनी सेल में ओढ़ने की चादर से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। बंदी के साथ उसकी सेल में बंद अन्य बंदियों ने शोर मचाया तो ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बंदी को सेल से निकालकर जेल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका चेकअप करके प्राथमिक उपचार किया गया।
शिवाजी कॉलोनी थाना के जांच अधिकारी एएसआई सुशील ने बताया कि सुनारिया जेल में बंद एक बंदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर बंदी इमादुल्ला उर्फ अली बाबर के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

