पहलगाम में आतंकी हमले के बाद हरियाणा में सिक्योरिटी को लेकर अलर्ट है। सरकार ने प्रदेश में रह रहे 460 पाकिस्तानियों को निकालने के ऑर्डर जारी कर दिए हैं। CM नायब सैनी ने कल शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह का फोन आने के बाद गृह विभाग से इसकी प्लानिंग मांगी है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इनमें अधिकांश हिंदू परिवार हैं। जिन्होंने नागरिकता के लिए भी आवेदन किया है लेकिन उस पर भी फैसला नहीं हो पाया।
मोहाली के डेराबस्सी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमने बैठक में अधिकारियों को कह दिया है यदि कोई पाकिस्तानी वीजा लेकर हरियाणा में बैठा हो तो 24 घंटे में उसे पकड़कर वापस भेजा जाए।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमारा पानी है, हिमालय से सिंधु नदी आ रही है। सिंधु सिर्फ नदी नहीं सभ्यता का नाम भी है। हम भाईचारे में पानी दे रहे थे, लेकिन तुम लड़ोगे तो हम पानी क्यों देंगे। आटा तुम्हारे पास पहले ही नहीं था, अब पानी भी बंद हो गया। तुम्हारा आटा-पानी बंद हो गया।
हरियाणा गृह विभाग की ओर से कई दशकों से शरणार्थी के तौर पर रहने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं पर नजर रखी जा रही है। प्राथमिकता के आधार पर उनका वीजा बढ़ाया जाता रहा है। गृह विभाग में अलग से इसके लिए एक विंग बनी हुई है, जो केंद्रीय गृह और विदेश मंत्रालय को समय-समय पर रिपोर्ट देती रहती है। एक दिन पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से फोन पर बात की थी। शाह ने सैनी से राज्य में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने को कहा। इसके बादर नायब सैनी ने चीफ सेक्रेटरी समेत बड़े अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई। मीटिंग में CID चीफ को इसके लिए प्लानिंग बनाने को कहा गया।
27 अप्रैल तक पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने को कहा गया है। मेडिकल वीजा पर रह रहे लोगों को 29 अप्रैल तक का टाइम दिया गया है। ये आदेश लॉन्ग टर्म वीजा, डिप्लोमैट वीजा और ऑफिशियल वीजा पर लागू नहीं होंगे।नायब सैनी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही शांति भंग करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
