रोहतक स्थित MDU यूनिवर्सिटी की गेट नंबर एक पर आज सोमवार को आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई छात्र युवा संघर्ष समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ के नेतृत्व में छात्रों ने पकोड़े तलकर एमडीयू की पांच गुना फीस वृद्धि का विरोध जताया। सरकारी संस्थानों में खुलेआम हो रही ‘‘फीस की लूट’’ ने गरीब व मध्यम वर्ग के बेटे-बेटियों के लिए पढ़ाई मुश्किल नहीं, असंभव बना दी है।एमडीयू में अब पढ़ाई केवल अमीरों और धनाढ्य लोगों के बच्चों की रह गई है।
दीपक धनखड़ ने बताया कि पहले यूजी पाठ्यक्रम की फीस लगभग 8500 रुपए थी वह बढ़कर अब 40 से 60 हजार तक कर दी गई है , बीएससी (गणित), बीएससी (जेनेटिक्स), बी.कॉम, बैचलर ऑफ फाईन आर्ट्स की फीस ₹8500 से बढ़ाकर सीधे ₹40,600 कर दी गई है। जो की 5 से 6 गुना है । इतनी फीस कोई भी किसान , मजदूर मध्यम परिवार , कमेरा वर्ग का विद्यार्थी नहीं दे सकता , जब पैसे की तंगी से दाखिला नहीं होगा तो विद्यार्थी शिक्षित नहीं होंगे ,उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरकर पकोड़े तलने पड़ेंगे ।
दीपक ने कहा कि फीस बढ़ाकर सीधा-सीधा निजी शिक्षण संस्थाओं को फायदा पहुँचाया जा रहा है, और शिक्षा को गरीब के बेटा-बेटी की पहुँच से बाहर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी होती है कि उसके प्रदेश के युवाओं को बेहतर शिक्षा कम से कम शुल्क में प्रदान की जाए, लेकिन जिस तरह से फीस बढ़ाई गई है उससे लगता है कि सरकार यूनिवर्सिटी को बजट न देकर विद्यार्थियों की फीस बढ़ाकर यहां से राजस्व इकट्ठा कर के सरकार चलाने की प्रयास में है । एमडीयू जैसी सरकारी यूनिवर्सिटी में बीएससी की फीस 40 हजार होगी तो प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में इससे और भी अधिक होगी ।
प्रदेश सह सचिव अमन आलडिया व जिला अध्यक्ष रॉबिन मलिक ने कहा कि अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जल्द बड़ी हुई फीस वापस नहीं ली तो एमडीयू के दोनों मुख्य द्वार बंद करके प्रदर्शन किया जाएगा साथ ही हरियाणा के महामहिम राज्यपाल से मिलकर उनको ज्ञापन सौंपेंगे।
हिंदू कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष सचिन दलाल ,अंकित अहलावत व ललित सैनी ने कहा कि जब तक फीस वापस नहीं होगी विद्यार्थी संघर्ष करते रहेंगे चाहे इसके लिए उन्हें अनिश्चितकालीन धरना व भूख हड़ताल पर बैठना पड़े ।
छात्र नेता नितिन डांगी ने कहा कि यह एमडीयू प्रशासन व सरकार की सोची समझी साजिश है पहले फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों से लूट- खसेट करेंगे उसके बाद इन शिक्षण संस्थानों को अडानी अंबानी जैसे धनाढ्य को बेच देंगे।


