हरियाणा में 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले CM मनोहर लाल खट्टर की अगुआई वाली सरकार ने ‘इमेज बिल्डिंग’ शुरू कर दी है। खट्टर सरकार की ‘ब्रांडिंग’ के लिए अफसरों ने सोशल मीडिया पर फोकस शुरू कर दिया है। खुद CM खट्टर भी इसको लेकर एक्शन में आ गए हैं।
उन्होंने अफसरों को दो-टूक कह दिया है कि सोशल मीडिया पर जो भी शिकायत मिले, उसका 24 घंटे में निपटारा करें। ऐसा नहीं किया तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर CM मनोहर लाल खट्टर और CMO हरियाणा के नाम से अकाउंट चल रहे हैं। लोग इन्हीं पर अपनी शिकायतें भेजते हैं। CMO हरियाणा ने अब उन्हें मिलने वाली शिकायतों पर ट्विटर यूजर से जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। वहीं CM मनोहर लाल के ट्विटर अकाउंट पर जो शिकायतें आती हैं, अफसरों को उन्हें देख अपने स्तर पर संपर्क कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
सोशल मीडिया के जरिए हरियाणा सरकार सूबे के यूथ को टारगेट कर रही है। यहां सबसे ज्यादा यूथ ही एक्टिव है। वह ही शिकायतें करता है। अगर कार्रवाई हुई तो सरकार की तारीफ और सुनवाई न हुई तो फिर वह सोशल मीडिया पर ही सरकार की आलोचना करते हैं। सरकार की ‘माउथ पब्लिसिटी’ के लिए सरकार सोशल मीडिया पर फोकस कर रही है। इससे पहले भी CM मनोहर लाल मंत्रियों को सोशल मीडिया पर एक्टिव करने के लिए कह चुके हैं।
मौजूदा वक्त में BJP के बाद सोशल मीडिया पर सबसे मजबूत आम आदमी पार्टी (AAP) का IT सेल है। जो सरकार के खिलाफ मुद्दों को सोशल मीडिया पर ही उजागर करते हैं। सरकार के इस नए फैसले से IT सेल के प्रचार का भी तोड़ निकाला जा रहा है। सरकार की मंशा है कि लोगों की शिकायत दूर कर सोशल मीडिया पर ऐसी धारणा कायम कर दी जाए कि सरकार के खिलाफ प्रचार का ज्यादा असर न हो।
हरियाणा में मुख्यमंत्री से सीधे शिकायत के लिए CM विंडो स्टार्ट की गई है। उसमें अब तक 12 लाख शिकायतें मिल चुकी हैं। CM खट्टर ने कहा कि लोगों को अपनी शिकायत देने के लिए पंचकूला-चंडीगढ़ आने की जरूरत नहीं। अब इसकी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए भी 21 दिन की डेडलाइन तय कर दी गई है। अफसरों को कहा गया कि इतने दिन में शिकायत पर एक्शन हो जाना चाहिए। इसमें कोई अधिकारी या कर्मचारी देरी करता है तो उसके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी।
CM विंडो की शिकायतों के निपटारे में सरकार को अफसरों के ढुलमुल रवैये का भी पता चला है। इसे देखते हुए CM के सलाहकार देवेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी CM विंडों के पोर्टल को नियमित तौर पर खोलकर देखें, ताकि इसमें आने वाली शिकायतों का निपटारा जल्द हो सके।
अफसरों पर नकेल कसने के लिए अब सरकारी विभागों के स्कोर कार्ड भी दिखाए जाएंगे। जिस विभाग का स्कोर कार्ड कम होगा। उसके अफसरों पर गाज गिरेगी। इसलिए अफसरों को तुरंत एक्टिव होने को कहा गया है।

