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रोहतक से अंतरराज्यीय रूटों पर बसों के 5 मिनट के काउंटर टाइम का विरोध, 20 मिनट की मांग; 1 सितंबर को हड़ताल की चेतावनी

रोहतक। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने अंतरराज्यीय रूटों पर बसों के लिए निर्धारित किए गए 5 मिनट के काउंटर टाइम का विरोध किया है। कर्मचारी संगठनों ने इस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए काउंटर टाइम बढ़ाकर 20 मिनट करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने 1 सितंबर 2026 को सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी दी है।

रोहतक से जयपुर, कोटा, बालाजी और अजमेर रूट पर आपत्ति

कर्मचारी नेताओं के अनुसार रोहतक से जयपुर, कोटा, बालाजी और अजमेर जैसे अंतरराज्यीय रूटों पर बसों के लिए केवल 5 मिनट का काउंटर समय निर्धारित किया गया है। उनका कहना है कि यात्रियों की संख्या और बस स्टैंड पर होने वाली जरूरी प्रक्रिया को देखते हुए इतने कम समय में काउंटर प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक नहीं है।

कर्मचारियों ने संबंधित आदेश को निरस्त करने और इन रूटों पर 20 मिनट का काउंटर टाइम निर्धारित करने की मांग की है।

तेज गति से बस चलाने का दबाव बढ़ने की आशंका

रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि कम काउंटर टाइम के कारण चालक-परिचालकों पर समय पर बस पहुंचाने का अतिरिक्त दबाव बनेगा। इससे चालक को तेज गति से बस चलाने की मजबूरी हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है।

कर्मचारी संगठनों ने यह भी कहा कि अंतरराज्यीय मार्गों पर निर्धारित समय-सारणी को पूरा करने में पहले ही कई व्यावहारिक चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में 5 मिनट का काउंटर टाइम यात्रियों और रोडवेज कर्मचारियों दोनों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।

विभाग को आर्थिक नुकसान की भी आशंका

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक अंतरराज्यीय मार्गों पर करीब 30 रुपये प्रति किलोमीटर यातायात आय निर्धारित है। उनका दावा है कि यदि बसों का संचालन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार प्रभावित होता है तो इससे यात्रियों को परेशानी के साथ-साथ परिवहन विभाग को भी आर्थिक नुकसान हो सकता है।

1 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने सरकार और परिवहन विभाग के अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 मिनट के काउंटर टाइम की व्यवस्था को वापस नहीं लिया गया और उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ, तो 1 सितंबर 2026 को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी।

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