रोहतक जिले के गांव बैंसी में राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 5 कमरों को तोड़ने के लिए करवाई जा रही नीलामी का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों को नीलामी की जानकारी नहीं थी। सूचना मिलने के बाद सरपंच अमन जांगड़ा सहित महिलाएं और अन्य ग्रामीण स्कूल परिसर में पहुंचे और नीलामी की प्रक्रिया रुकवा दी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले ही प्राइमरी स्कूल और लड़कों के हाई स्कूल की इमारतें कंडम घोषित करके करीब 3 साल पहले तोड़ी जा चुकी हैं। इन स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजा गया है। अब गर्ल्स स्कूल के भी 5 कमरे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से बच्चों की पढ़ाई और प्रभावित होने की आशंका है।
पहले टूटे स्कूलों की नई बिल्डिंग का इंतजार
ग्रामीण राकेश ने बताया कि प्राइमरी स्कूल और लड़कों के हाई स्कूल की बिल्डिंग टूटने के बाद बच्चों को मॉडल संस्कृति प्राइमरी गर्ल्स स्कूल और गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट किया गया था। पिछले करीब 3 साल से बच्चे दूसरे स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब पहले ही स्कूलों में कमरों की कमी है तो गर्ल्स स्कूल के 5 कमरे तोड़ने से बच्चों की पढ़ाई के लिए व्यवस्था कैसे होगी।
3 करोड़ 6 लाख रुपये मंजूर, फिर भी निर्माण शुरू नहीं
सरपंच अमन जांगड़ा ने बताया कि प्राइमरी और लड़कों के हाई स्कूल के नए भवन बनाने के लिए करीब 3 करोड़ 6 लाख रुपये का बजट एक साल पहले मंजूर हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कुल 12 कमरे हैं। इनमें से 5 कमरों को कंडम घोषित कर तोड़ने के लिए नीलामी करवाई जा रही थी। ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर उन्होंने प्रक्रिया रुकवाई।
सरपंच ने ग्रामीणों के सहयोग से कमरों की मरम्मत करवाने की बात कही और सरकार से लड़कों के स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण जल्द शुरू करवाने की मांग की।
ग्रामीणों की मांग- पहले स्कूलों की नई बिल्डिंग बनवाई जाए
ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही बच्चे दूसरे स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं। ऐसे में स्कूल के बचे हुए कमरों को तोड़ने से पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने गांव के दोनों स्कूलों की नई बिल्डिंग का निर्माण जल्द शुरू करवाने की मांग उठाई है।
