बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में बैठे MBBS स्टूडेंट्स के समर्थन में पहुंचे सर्व खाप व विभ्भिन संगठन; बोले कंधे से कंधा मिला कर चलेंगे, सरकार देश को बर्बाद करने के कर रही काम, अब किसी गरीब का बच्चा नहीं बनेगा डॉक्टर:
रोहतक स्थित PGI की OPD सोमवार को 2 घंटे तक बंद रहगी। यह फैसला रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने MBBS के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में लिया है। MBBS स्टूडेंट पिछले 20 दिनों से रोहतक PGI में बाँड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे हैं। जिसके समर्थन में आरडीए भी आ गई है।
MBBS स्टूडेंट ने फैसला लिया है कि प्रदेश के चारों सरकारी मेडिकल कॉलेज के छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पंचकूला जाएगा। इस दौरान वे DMER (डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) में अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसलिए MBBS स्टूडेंट ने कहा कि सरकार व प्रशासन भी मिलने के लिए उचित समय दे। साथ ही सद्भावपूर्ण तरीके से बातचीत करे। ना कि मामले को और अधिक बढ़ाए। साथ ही समाधान की तरफ भी ध्यान रखे।
MBBS स्टूडेंट के समर्थन में आते हुए खाप व सामाजिक संगठनों ने डी-पार्क पर धरना दिया। धरने के दौरान मांग की कि मेडिकल विद्यार्थियों की मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे। उन्होंने विद्यार्थियों पर डाली गई 40 लाख की बाँड पॉलिसी को भी गलत बताया।
आरडीए ने पहले ही सरकार को हड़ताल की चेतावनी दी थी। साथ ही जल्द से जल्द MBBS छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए कहा था। मांग पूरी नहीं होने पर हड़ताल व कड़े कदम उठाने की बात कही गई थी। इसको लेकर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने शनिवार को भी एक घंटे तक PGI की ओपीडी बंद रखी थी।
अब सोमवार को दोबारा से दो घंटे ओपीडी बंद रहेगी। इसके तहत आरडीए के चिकित्सक सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक करेंगे। इस स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य MBBS स्टूडेंट्स की मांगों को मनवाना है, ताकि सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत के साथ समाधान निकाले।
MBBS स्टूडेंट पिछले 20 दिन से लगातार रोहतक PGI में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने 1 नवंबर से रोहतक PGI में धरना आरंभ किया था। जो लगातार जारी है। पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे रखी थी। इसके तहत ओपीडी बंद रखने का फैसला लिया गया है।
MBBS छात्रों ने कहा कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर 40 लाख रुपए के बाँड का नाजायज बोझ डाल दिया है। जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी पढ़ाई से भी वंचित रह जाएंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेज में मेरिट के आधार पर दाखिला मिलता था, लेकिन अब पैसों के दम पर मिलेगा।
MBBS छात्रों ने कहा कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर 40 लाख रुपए के बाँड का नाजायज बोझ डाल दिया है। जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी पढ़ाई से भी वंचित रह जाएंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेज में मेरिट के आधार पर दाखिला मिलता था, लेकिन अब पैसों के दम पर मिलेगा।

