रोहतक स्थित PGI की OPD सेवाएं अब अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई हैं। जिसके बाद ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को बिना इलाज बेरंग लौटना पड़ेगा। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (RDA) ने MBBS स्टूडेंट के समर्थन में यह निर्णय लिया है। 48 घंटे बाद इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने का फैसला लिया गया है। ऐसा होता है तो PGIMS रोहतक में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो जाएंगी।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कहा कि सरकार ने MBBS स्टूडेंट पर जो बाँड पॉलिसी लागू की है वह गलत है। जिसका सीधा असर विद्यार्थियों व चिकित्सकों ही नही आम जनता पर पड़ेगा। लोगों को मिलने वाले फ्री इलाज को भी सरकार बंद करके महंगे कर देगी। इसलिए वीरवार से ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है।
आरडीए प्रधान डॉ. अंकित गुलिया ने कहा कि सरकार को पहले ही अल्टीमेटम दिया गया था कि वह MBBS स्टूडेंट पर लागू की गई बाँड पॉलिसी को वापस ले। लेकिन अल्टीमेटम देने के एक सप्ताह बाद भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इसलिए ओपीडी बंद करने का निर्णय लिया है।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने अनिश्चितकाल के लिए OPD सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब तक MBBS स्टूडेंट की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगे। सरकार को चाहिए कि वह छात्रों की मांगों को पूरी करे।
डा. अंकित गुलिया ने कहा कि अभी तो केवल ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। अगर सरकार ने 48 घंटे में छात्रों की मांग पूरी नहीं की तो आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। वे ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं करना चाहते। लेकिन सरकार दमनकारी नीतियों के कारण यह करने पर मजबूर कर रही है।
बाँड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे मेडिकल स्टूडेंट ने निर्णय लिया कि वे जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक क्लास भी नहीं लगाएंगे। सभी छात्र धरने में शामिल होंगे और विरोध जताएंगे। अब वे अपनी मांग मनवाकर ही रहेंगे।
बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद ओपीडी सेवाएं थम गईं। पहले से ही रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने MBBS स्टूडेंट के समर्थन में ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया था। ओपीडी बंद होने के की वजह से डॉक्टरों के केबिन खाली रहे और मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
MBBS स्टूडेंट पिछले 23 दिन से 40 लाख की बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरने पर बैठे हैं। रोहतक PGI की ओपीडी सुबह 9 बजे शुरू हुई, लेकिन 12 बजे के बाद बंद कर दी। सामान्यतः: OPD में मरीजों का रजिस्ट्रेशन दोपहर 2 बजे तक और चिकित्सक शाम 4 बजे तक देखते हैं।
शनिवार से लगातार MBBS स्टूडेंट्स के समर्थन में OPD सेवाएं बंद की जा रही हैं। शनिवार को रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के चिकित्सक केवल एक घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे थे। सोमवार को 2 घंटे, मंगलवार को 3 घंटे तक OPD सेवाएं बंद की गईं, जिसके कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाया।
MBBS स्टूडेंट का कहना है कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर बोझ डाल दिया है, जिसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों को हागा। नई बॉन्ड पॉलिसी के तहत विद्यार्थियों को 40 लाख रुपए देने होंगे। जो हर किसी विद्यार्थी के लिए संभव नहीं हैं। इससे मेरिट पाने वाले काफी विद्यार्थी डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं कर पाएंगे।
- बॉन्ड एग्रीमेंट में से बैंक की दखल अंदाजी पूरी तरह से खत्म की जाए।
- साथ ही बॉन्ड सेवा की अवधि 7 साल से घटाकर अधिकतम 1 वर्ष की जाए।
- ग्रेजुएशन के अधिकतम 2 महीने के अंदर सरकार MBBS ग्रेजुएट को नौकरी प्रदान करें।
- 40 लाख सेवा बॉन्ड राशि को घटाकर 5 लाख रुपए किया जाए
- PG कोर्स (MD/MS) के बारे में स्थिति बिल्कुल साफ की जाए।

