साेशल मीडिया वाॅट्सएप या फेसबुक पर आपने परिचित की डीपी लगे नंबर से मदद के नाम पर रुपए मांगने के लिए मैसेज आ जाए, ताे ऐसे में आपकाे सावधान हाेने की जरूरत है। किसी काे भी बिना वेरिफाई किए गूगल पे, फाेन पे या अन्य यूपीआई अकाउंट से आनलाइन रुपए ट्रांसफर ना करें। नहीं ताे आप ठगी के शिकार हाे सकते हैं।
आनलाइन ठगी करने वाले बदमाशाें ने रुपए ऐंठने का ये नया तरीका खाेज लिया है। वह माेबाइल नंबर जुटाने के लिए माेबाइल चाेरी कर रहे हैं या लूट रहे हैं। पिछले दाे दिनाें में 5 केस ऐसे ही सामने आए हैं। सभी मैसेज में एक काॅमन बात है कि ऐसे मैसेज करने वाले काे आपका नाम पता हाेता है।
जिसके नाम पर रुपए मांगे जा रहे हैं उस व्यक्ति की डीपी अपने साेशल मीडिया के अकाउंट में लगी हाेती है, ताकि आपकाे शक ना हाे जाए। वह पहले मैसेज में ये पूछते हैं कि कहां पर हाे। आप जैसे ही इसका जबाव देते हाे ताे अगले मैसेज में वह सीधे रुपयाें की डिमांड करते हैं। उस मैसेज में दाे से 20 हजार रुपए या इससे ज्यादा रुपयाें की डिमांड हाेती है।
पूछने पर बताते हैं कि मेरे परिवार में किसी का एक्सीडेंट हाे गया है या वह किसी मुसीबत में फंस गया है। उसके लिए रुपयाें की अचानक की जरूरत आ पड़ी है। कहते हैं कि रुपए सुबह लाैटा दूंगा।
बदमाश रुपयाें काे आनलाइन ही ट्रांसफर करने के लिए बाेलते हैं। अगर आप कहते हाे कि अभी रुपए कम हैं ताे वह अभी जितने हैं उतने ही ट्रांसफर कर दाे। बदमाश काे यह भी पता हाेता है कि आप कहां से बाेल रहे हाे, इसलिए वह दिल्ली, चंडीगढ़ या नाेएडा के अस्पताल में हाेने की बात कहते हैं। आप उस नंबर पर काॅल करते हाे ताे वह पिक नहीं करते हैं। मैसेज लिखकर काॅल पिक नही करने का काेई ना काेई बहाना बनाते हैं। वह अपनी लाेकेशन काे भी शेयर नहीं करते हैं।
