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रोहतक में रोडवेज कर्मचारियों की की एक दिन की भूख हड़ताल: 362 मार्गों पर प्राइवेट बस परमिट देने व मांगे पूरी न होने के चलते विरोध में उतरे

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर रोहतक डिपो के बस अड्डे पर कर्मचारियों द्वारा 24 घण्टे की भूख हड़ताल – डिपो प्रधान सुरेश नहरा, नरेश सिवाच, सुमेश कुण्डु , जितेन्द्र लाकड़ा, जोगेन्द्र ढुल, राजेश मायना , गिरीराज, मन्जीत कारोर और सुरेन्द्र की अधयक्षता में आरम्भ की गई। और इसका संचालन जयकुवार दहिया व यूनियन के सभी सचिव ने संयुक्त रूप से किया ।जो कल दोपहर 12 बजे महाप्रबंधक को महानिदेशक के नाम ज्ञापन देने के बाद समाप्त होगी। भूख हड़ताली में शामिल कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए राज्य मोर्चा के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र दिनोंद , जगदीप लाठर , अमित महराणा, हरिकिशन, मुकेश दुहन, दिनेश हुडडा, आदि नेताओ ने बताया कि 17 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार श्री उमाशकर जी,परिवहन मंत्री असीम गोयल, रोडवेज विभाग के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में यूनियन प्रतिनिधिमण्डल के साथ बैठक में कर्मचारियों की अनेक मांगो को जायज मानते हुए सहमति बनी थी।मानी गई मांगो के परिपत्र जल्द जारी करके उन्हें लागू करने का भरोसा दिया था। लेकिन मानी गई मांगो के परिपत्र अभी तक जारी नही किए गए।जिससे कर्मचारियों को आथिक नुकसान व अनेक तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।दूसरी ओर सरकार बिना किसी की मांग के 362 मार्गो पर प्राइवेट बस परमिट देने की योजना बना रही।जो किसी भी तरह से न तो जनता हित ओर ना हित मे हैं।पूर्व में चल रही परिवहन समिति के सेवा परिणाम आम जनता के सामने हैं।इसी तरह सरकार द्वारा घाटे का सौदा इलेक्ट्रिक बसे महंगी दरों पर ठेके पर ली हैं।जिसमे सरकार द्वारा दी जाने वाले फ्री व रियाती दरों पर मिलने वाली किसी भी प्रकार की सुविधा लागू नही हैं। मोर्चा सदस्यों सरकार से मांग करते हैं कि सरकारी साधारण बसे सरकार रोडवेज़ बेड़े में प्रदेश की जनसंख्या अनुसार सामिल करे।ताकि आम व्यक्ति को सस्ती परिवहन सेवा मिले और हजारी बेरोजगार युवकों को रोजगार मिले।सरकार द्वारा जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन मुख्य मांगो में परिचालक ,
चालक,लिपिक का ग्रेड पे बढ़ाना,, एक माह में चालक,परिचालकों के रात्रि ठहराव सरकार द्वारा 30 से घटाकर 10 सीमित कर दिए थे उन्हें अब 25 तक देने ,,चालक,परिचालक, निरीक्षक,उप निरीक्षक व कर्मशाला के कर्मचारियों को एक वर्ष में मिलने वाले देय अर्जित अवकाश जो सरकार द्वारा 33 से घटाकर 18 किए थे उन्हें अब 30 देय अर्जित अवकाश देने,,
वर्ष 2002 में भर्ती हुए चालको को नियुक्ति तिथि से पक्का करके पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने,,
वर्ष 2016 में सभी प्रकिया पूर्ण उपरांत भर्ती किये गए चालकों को पक्का करने,, चालकों के लिए अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके प्रमोशन देने,, विभाग में जोखिम भरी ड्यूटी करने वाले सभी कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने
व एक्सग्रेसिया नीति में लगाई गई सभी शर्तो को हटाने, कर्मशाला में रिक्त पदों पर भर्ती करने, कर्मशाला में 2018 में लगे ग्रुप D के कर्मचारियों को कॉमन कडर से अलग करके उन्हें रिक्त तकनीकी पदों पर प्रमोशन देने,,
एच.आर.ई.सी. गुड़गांव के कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह पूर्ण सेवा लाभ दने, रोडवेज विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पहचान पत्र से यात्रा न करने के अंकित शब्द को हटाने,, वर्ष 28.10.2005 से पहले जारी भर्ती प्रकिया के तहत विभाग में भर्ती हुए सभी पदों के कर्मचारियों को सरकार के जारी आदेशों अनुसार उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने,, वर्ष 2008 में भर्ती हुए जिन परिचालकों/ कर्मचारियों का ACP दिनाँक 01/01/2016 से 28/10/2016 के मध्य बनता हैं उन्हें सरकार के पत्र क्रमांक 1/20 2016-3 PR दिनाँक 08/06/2020 अनुसार वंचित परिचालकों/कर्मचारियों को एक स्पेशल वेतन व्रद्धि देने आदि अन्य मांग पत्र में शामिल मांगो पर सहमति बनी थी।सरकार कर्मचारियों की मांगो जल्द से जल्द समाधान करे।अन्यथा रोड़वेज का कर्मचारी मजबूर होकर हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन करने को मजबूर होगा। भूख हड़ताल में नरेश सांगवान, सुभाष बराड़, शेखर आसन, अमित नरवाल , सिद्धार्थ , जोगेन्द्र मलिक ,राजेश गोरड , बेदू , मनीष अहलावतऔर कुलदीप आदि के नेतृत्व में पदाधिकारी भूख हड़ताल पर रहे।

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