यमुनानगर के अहड़वाला गांव में स्थित ऐतिहासिक गोगामेड़ी मंदिर इन दिनों एक अनोखे ‘इंसाफ’ को लेकर चर्चा में है। मंदिर में चोरी की पहली वारदात सोमवार, 18 मई की दोपहर को हुई थी। दोपहर के वक्त जब मंदिर परिसर पूरी तरह खाली था, तब दो शातिर चोर अंदर घुसे और गुल्लक के ताले तोड़कर उसमें रखी भारी-भरकम नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। शाम को जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तो टूटी हुई गुल्लक देखकर उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में ग्रामीण इकट्ठा हुए और जब मंदिर के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, तो तकनीकी खराबी के कारण वे बंद मिले। चोरों का कोई सुराग न मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस के पास भागने के बजाय एक रणनीति बनाई और सबसे पहले मंदिर के तमाम कैमरों को दुरुस्त करवाया।
ग्रामीणों का यह दांव पूरी तरह सटीक बैठा। चोरों को लगा कि पहली बार में वे आसानी से बच निकले थे, इसलिए मेड़ी सूनी पाकर उन्होंने मंगलवार देर रात करीब 2 बजे दोबारा धावा बोल दिया। आरोपी दीवार फांदकर मंदिर के गर्भगृह में घुसे और फिर से गुल्लकों को निशाना बनाकर करीब आधे घंटे तक इत्मीनान से चोरी करते रहे। बुधवार सुबह जब श्रद्धालुओं ने फिर से गुल्लक टूटी देखी, तो गांव में हड़कंप मच गया। लेकिन इस बार कैमरे चालू थे। जब ग्रामीणों ने फुटेज देखी, तो दोनों आरोपी गुल्लक से पैसे निकालते हुए साफ नजर आ रहे थे। वीडियो के आधार पर हुलये का मिलान किया गया, तो चोरों की पहचान पड़ोस के ही मिलक खास और अराइयांवाला गांव के युवकों के रूप में हुई।
चोरों की पहचान होते ही अहड़वाला गांव के गबरू जवानों ने घेराबंदी करके दोनों आरोपियों को उनके घर से उठा लिया और खींचते हुए गोगामेड़ी परिसर में ले आए। ग्रामीणों के उग्र तेवर देखकर दोनों चोरों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद जो हुआ, उसकी इलाके में खूब चर्चा हो रही है। ग्रामीणों ने उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय एक ऐसी सजा सुनाई जो नजीर बन जाए। दोनों चोरों को मंदिर के फर्श पर लेटने को मजबूर किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों युवक हाथ जोड़कर रोते हुए, करीब 10 मीटर की दूरी तक जमीन पर अपनी नाक रगड़ते हुए गोगा महाराज की मूर्ति तक पहुंचे। वे बार-बार चिल्लाते रहे, “हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई, आज के बाद जिंदगी में कभी चोरी नहीं करेंगे।” चोरों की इस हालत और उनके गिड़गिड़ाने पर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। आखिरकार, करीब ₹50 हजार की चोरी करने वाले इन युवकों को पुलिसिया कार्रवाई के झंझट से दूर, एक सख्त हिदायत और अनोखी सामाजिक सजा देकर छोड़ दिया गया।
