पुलिस अधीक्षक श्री उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देशो तहत कार्यवाही करते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने दस महीनों ने पैसे दोगुना करने का लालच देकर लोगों से लाखों रूपये ठगने वाली कंपनी को खुलासा करते हुए कंपनी के मालिक सहित तीन लोगो को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक को पेश अदालत कर 4 दिन, आरोपी महिला पूनम को 2 दिन व आरोपी महिला गीता को एक दिन के पुलिस रिमांङ पर हासिल किया गया है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद महिला आरोपी गीता को आज न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। आरोपी रजनीश व पूनम से गहनता से पूछताछ की जा रही है। कंपनी के अन्य मालिक तथा धोखाधड़ी की वारदात में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करने के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही है।
प्रभारी आर्थिक अपराध शाखा उप.नि. राजू सिंधू ने बताया कि दिनांक 18.10.2021 को मनीष निवासी आदर्श नगर गोहाना की शिकायत के आधार पर थाना अर्बन एस्टेट मे धारा 420/34 भा.द.स. व 03 दा हरियाणा प्रोटक्शन ऑफ इन्ट्रस्ट ऑफ डिपोजिटरस इन फॉईनशियल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2013 के तहत अभियोग संख्या 426/2021 अंकित कर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मनीष की जान पहचान रजनीश के साथ हुई। रजनीश ने मनीश को बताया कि वह उसने अपने दोस्त विरेन्द्र के साथ मिलकर पैसिफिंग मॉल रोहतक मे ग्रोवेस्ट ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से ऑफिस खोला हुआ है।
रजनीश ने मनीष को बताया कि वह दस महीनों मे पैसे को दोगुना करके देता है। रजनीश ने मनीष को बताया कि एक लाख रुपये जमा करने पर प्रत्येक 15 दिन में 6880/- रुपये की किश्त दी जाती है। रजनीश ने मनीष को कम्पनी मे पैसे जमा करने बार कहा। मनीष ने रजनीश के बहकावे मे आकर दिनांक 19.08.2021 को रजनीश व विरेन्द्र को उसके ऑफिस मे एक लाख रुपये कैश दे दिए। मनीष को पैसे जमा करने की रसीद बाद मे देने को कहा। करीब 15 दिन बाद मनीष को 20 हजार रुपये वापिस दे दिये। मनीष ने अपनी बहन के 50 हजार रुपये कम्पनी मे लगा दिये। करीब 15 दिन बाद मनीष की बहन को 3442/- रुपये वापिस दिए। उसके बाद रजनीश व उसके साथी कंपनी बन्द करके फरार हो गए। रजनीश ने अपने साथी के साथ मिलकर धोखाधडी करके पैसे हडप लिए।
पुलिस अधीक्षक रोहतक श्री उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देशों अनुसार मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा अमल में लाई गई। दौराने जांच दिनांक 28.07.2022 को आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने मुख्य सिपाही दिनेश अहलावत के नेतृत्व में कार्यवाही करते हुए आरोपी रजनिश पुत्र शमशेर निवासी गांव कथूरा जिला सोनीपत, पूनम पत्नी सुरेन्द्र निवासी गुहना फरमाना जिला सोनीपत व गीता पुत्री जगतराम निवासी सामती जिला सोनल हिमाचल प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। वारदात मे शामिल अन्य आरोपियो को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
दौराने जांच सामने आया 2020 में रजनीश, विरेन्द्र, पूनम, रणधीर व ईश्वर सिंह ने मिलकर ग्रोवेस्ट ट्रेडिंग एण्ड मार्केटिंग प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी के नाम पर कंपनी रजिस्ट्रड करवाई जिसका ऑफिस पेसेफिक मॉल, दिल्ली रोड़, रोहतक पर खोला गया। जिसमे असल मे नेट वर्किंग (चैन सिस्टम) के माध्यम से लोगो को ज्यादा मुनाफा कमाने का ऑफर देकर रुपए लगवाएगे व उन रुपयो को ऑनलाईन ट्रेडिंग मे लगायेगे। चैन सिस्टम के माध्यम से लोगो को लुभावने ऑफर देकर पैस जमा करवा गए। कम्पनी पर आमजन व प्रशासन को शक ना हो इसके लिए कम्पनी के नाम से सामान खरीदते जिसमे कपडे का सूट, न्यूट्रिशन पैक व अन्य सामना होता था। उस सामान के माध्यम से लोगो को झांसे मे लेकर लाखो रुपये कम्पनी मे लगवाते थे।
कंपनी द्वारा बनाए गए एजेटों को भी कंपनी द्वारा अच्छी खासी रकम दी जाती थी। कम्पनी के एंजेटो द्वारा लोगो को जाल मे फसाकर लाखो रुपये कमाए गए व उन पैसो से कुछ एंजेटो को गाडिया भी दिलाई गई। लोगो के ज्यादा रुपए हडप सके व विशवास मे ले सके इसके लिए जमा किए गए रुपयो मे से कुछ रुपए वापिस भी दिए जाते थे। लाखों रुपये एकत्रित होने के बाद कंपनी के मालिकों ने कंपनी बन्द कर दी तथा लोगों के पैसे लेकर फरार हो गए।
आरोपी रजनीश व पूनम दोनो कंपनी के मालिक है। आरोपी गीता 2009-2010 से नेट वर्किंग का काम जानती है और नेट वर्किंग के काम से ही गीता की दोस्ती पूनम व उसके देवर विरन्द्र के साथ जान पहचान हुई व इनके माध्यम से ही गीता की पहचान रजनीश से हो हुई। इनकी मद्द से गीता ने कंपनी ज्वाईन कर ली।

