Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

रोहतक मे पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन में अमर शहीदों को दी गई श्रृद्धांजलिशहीद जवानों के परिवारों को किया गया सम्मानितजवानों की शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता- एसपी सुरेन्द्र सिंह भोरिया

रोहतक पुलिस द्वारा आज सुबह 8 बजे पुलिस लाईन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों की याद में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की है। इस अवसर पर एएसपी वाई.वी.आर. शशिशेखर, डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया, डीएसपी शहर गुलाब, डीएसपी सी.ए.डब्लू. दलीप व डीएसपी महम रिषभ सोढी विशेष रूप से उपस्थित रहे है। इस अवसर पर जिला पुलिस में तैनात सभी पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व शहीदों के परिजनों ने पुष्प अर्पित कर शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी है। पुलिस गार्द द्वारा शोक सलामी देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया ने शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किए। उन्होनें शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की तथा उनकों सम्मानित किया। उन्होने ने कहा कि पुलिस जवान जिन्होंने अपने कर्तव्य को निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है उनकी याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारतवर्ष में कार्यक्रम होते है। जवानो की शहादत को याद किया जाता है। देश सेवा, समाज सेवा करने का संकल्प लिया जाता है। जिन वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश सेवा की है उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हुए देश सेवा व समाज सेवा करने का प्रण लिया जाता है। पुलिसकर्मी अपनी जान को जोखिम में डालकर आमजन की रक्षा करने का काम करते है। पुलिस जवान बिना थके बिना रुके 24 घण्टे समाज के लिए कार्य करते है। अपनी जान की परवाह ना करते हुए हमेशा अपनी ड्यूटी पर तत्पर रहता है। जवानों की शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता। हमें शहीदों से प्रेरणा लेकर अपना कार्य ईमानदारी व सच्ची निष्ठा से करना चाहिए।

पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में मंच का संचालन करते हुए डीएसपी रिषभ सोढी ने बताया कि आज के दिन वर्ष 1959 में लद्दाख में स्थित हाटस्प्रिंग नामक स्थान में तैनात भारतीय पुलिस कर्मियों की एक टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने अचानक हमला कर दिया था। हमले से अपनी पुलिस पोस्ट की सुरक्षा करते हुए वीर पुलिस जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर शौर्य की परम्परा व गाथा को कायम रखा है। इसीलिए उन महान शहीदों की स्मृति में और उनका अनुसरण करने वाले सभी पुलिस बलों के शहीदों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है।

रोहतक पुलिस में तैनात रहते हुए असामाजिक/अपराधिक तत्वों से लड़ते हुए अपने प्राणों की कुर्बानी देकर पुलिस विभाग का नाम रोशन करने वाले पुलिस कर्मियों का याद किया। निरीक्षक विजेन्द्र सिंह, स.उप.नि. जगदीश चन्द्र, स.उप.नि. नरेन्द्र सिंह, ईएचसी रामकिशन, सिपाही महावीर, मुख्य सिपाही राजसिंह व सिपाही राज सिंह की एक के बाद एक शौर्य गाथा का शब्दों में वर्णन किया। उपरोक्त सभी पुलिस कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने फर्ज को बखूबी निभाया है। उनके द्वारा दी गयी यह कुर्बानी कभी भुलाई नही जा सकती।

Exit mobile version