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हरियाणा में पुरानी गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: 28 लाख वाहनों पर असर; लगेगा हजारों का जुर्माना

हरियाणा के 3 जिलों में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर सख्ती शुरू होने जा रही है। हालांकि इन तीनों जिलों में यह सख्ती 4 माह बाद यानी 1 नवंबर से लागू होगी, लेकिन दिल्ली में इसे 1 जुलाई से शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहला कदम होगा कि इन वाहनों को किसी भी पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी पेट्रोल पंपों पर विशेष ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। दूसरी सख्ती के रूप में वाहन चालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।NCR क्षेत्र में यह जुर्माना कितना होगा, इसका अभी खुलासा नहीं किया गया है। मगर, दिल्ली में 4 पहिया वाहनों पर 10 हजार और दोपहिया वाहनों पर 5 हजार जुर्माना निर्धारित किया गया। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने यह आदेश हर रोज बढ़ते पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए जारी किए हैं।

NGT ने 7 अप्रैल 2015 को निर्देश दिया था कि पुराने वाहनों को NCR में चलने की अनुमति नहीं दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी 29 अक्टूबर 2018 के अपने आदेश में कहा था कि ऐसे एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहन NCR में नहीं चलेंगे। इसके बाद ये प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चलती आ रही है। मगर, अब केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से जारी आदेश में हरियाणा के तीन जिले फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत को प्रथम चरण में कवर किया जाएगा। फरीदाबाद में ही 105 पेट्रोल पंपों संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों को फ्यूल न मिले, इसे लेकर सभी पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरे लगाने की डेडलाइन 31 अक्टूबर रखी गई है।

फरीदाबाद RTA मुनीष सहगल के मुताबिक पेट्रोल पंप पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरा लगने के बाद 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन की पहचान पंप के एंट्री पाइंट पर ही हो जाएगी। सॉफ्टवेयर की मदद से संबंधित वाहन की पूरी जानकारी मिलेगी। यदि वाहन 10 व 15 साल पुराने हो गए हैं तो उन्हें फ्यूल देने से इनकार कर दिया जाएगा, क्योंकि ये सॉफ्टवेयर नंबर प्लेट को स्कैन करके वाहन डेटाबेस से जानकारी प्राप्त करते हैं। यदि वाहन की उम्र निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उसे चिह्नित करते हैं। इसके बाद, संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेजा जाता है।

आयोग की ओर से जारी आदेश में प्रथम चरण के बाद साल 2026 में दूसरा चरण शुरू होगा। इसे भी एक नवंबर, 2026 से ही शुरू किया जाएगा। इसमें NCR के सभी अन्य जिलों में एंड ऑफ लाइफ वाहनों को फ्यूल देने पर रोक लगा दी जाएगी। यदि 30 अक्टूबर तक ये सभी वाहन सड़क से नहीं हटे तो 1 नवंबर से पेट्रोल पंपों पर डीजल अथवा पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन चालकों से भारी भरकम जुर्माना वसूला जाएगा।

फरीदाबाद परिवहन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो 10 साल पुराने जिले में 1.63 लाख वाहन RTA में पंजीकृत हैं। ये सभी वाहन कॉमर्शियल हैं। डीजल वाहनों की बात करें तो 10 साल पुराने 1 लाख 24 हजार वाहन पंजीकृत हैं। इनमें पेट्रोल के 3600 और सीएनजी के कुल 36000 वाहन हैं। इसके अलावा निजी वाहनों का पंजीकरण एसडीएम कार्यालयों में होता है। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ एसडीएम कार्यालयों में 10 और 15 साल पुराने पंजीकृत वाहनों की संख्या पौने दो लाख के करीब है। इनमें 42 से 45 फीसदी दोपहिया वाहन, 35 से 40 फीसदी कारें व शेष अन्य वाहन हैं।

कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट से मिली जानकारी के अनुसार NCR क्षेत्र में फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, सोनीपत, पानीपत, नूंह, रोहतक, रेवाड़ी, जींद, भिवानी, करनाल, झज्जर, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ आते हैं। इन जिलों में करीब 27 लाख 50 हजार से अधिक डीजल और पेट्रोल के 10 और 15 साल पुराने वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली में कुल 61,14,728, हरियाणा में 27,50,152, यूपी में 12,69,598 और राजस्थान में 6,20,962 वाहन ओवरएज हो चुके हैं।

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