उपायुक्त डॉ. यशपाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सडक़ सुरक्षा से जुड़े सभी प्रबंधों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाये ताकि सडक़ दुर्घटनाओं को कम से कम किया जा सकें। सभी विभाग बैठक में दी गई हिदायतों को गंभीरता से लें तथा समय पर कार्रवाई रिपोर्ट भी भिजवाना सुनिश्चित करें।
डॉ. यशपाल स्थानीय जिला विकास भवन स्थित सभागार में सडक़ सुरक्षा एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने भारतीय राष्टï्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे बैठक में सुझाये गए अवैध कटों को तुरंत बंद करवाये ताकि इन कटों की वजह से होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारी लोगों को भी इस बारे में जागरूक करें कि यह अवैध कट उनके जीवन के लिए खतरनाक है। सरकार द्वारा लोगों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए सडक़ो के डिजाइन तैयार किये जाते है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संबंधित स्थलों पर लाइटों का प्रबंध भी करवाया जाये ताकि रात्रि में सडक़ दुर्घटनाएं न हो।
उपायुक्त डॉ. यशपाल ने अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि समिति द्वारा बैठक में सुझाये गए सडक़ सुरक्षा के अन्य प्रबंधों पर भी यथाशीघ्र अमल किया जाये ताकि लोगों की बहुमूल्य जिंदगी को बचाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे आपसी तालमेल से कार्य करें ताकि कार्य को जल्दी अमलीजामा पहनाया जा सके। सभी विभाग कार्रवाई रिपोर्ट समय पर भिजवाना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिश अनुसार संंबंधित सडक़ों पर संकेत चिन्ह, गतिअवरोधक, कैटआई इत्यादि को तुरंत लगवाया जाये। हर व्यक्ति का जीवन बहुमूल्य है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार लोहचब, उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, दलबीर सिंह फौगाट एवं सुभाष चंद्र जून, नगराधीश मोहित महराना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सम्पदा अधिकारी श्वेता सुहाग, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त महेश कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव डॉ. संदीप गोयत, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता दिनेश राठी, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन बिश्नोई, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी डॉ. जितेंद्र मलिक सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

