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भगवान विष्णु को आंवले का फल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि का होता है वास

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल 24 एकादशी पड़ती हैं। इसमें एक एकादशी शुक्लपक्ष और एक कृष्णपक्ष में आती है। हर एकादशी का अपना अलग महत्व है। फाल्गुन माह के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से सौभाग्य, समृद्धि और खुशी की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि आमलकी एकादशी के दिन विष्णु भगवान को आंवले का फल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और जीवन में आने वाली हर परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिषाचार्य संदीप पाठक बताते हैं कि इस दिन पूजा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही महिलाओं के सुहाग बढ़ता है।

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 20 मार्च 2024 को सुबह 12 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी और 21 मार्च 2024 को सुबह 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से आमलकी एकादशी व्रत 20 मार्च को ही रखा जाएगा।

आमलकी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें। .भगवान विष्णु जी का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। .अब भगवान विष्णु को पंचामृत, फूलों की माला, धूप, रोली, चंदन, अक्षत और फूल आदि अर्पित कर उनकी पूरे विधि-विधान से पूजा करें। .आमलकी एकादशी के मौके पर पूजा के दौरान भगवान विष्णु को आंवले का भोग अवश्य लगाएं। .अंत में श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें और उनकी आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। .आरती के बाद उनके भोग को प्रसाद के रूप में लोगों को बांट दें।

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