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25 अक्टूबर, 2022 मंगलवार को दोपहर 02:29 बजे प्रारम्भ होगा सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं तो पड़ेगा पछताना

इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण लगने वाला है जो कि 25 अक्टूबर, 2022 मंगलवार को दोपहर 02:29 बजे प्रारम्भ होगा तथा शाम को 06:32 बजे समाप्त होगा और सूर्यग्रहण 4 घंटे 3 मिनत तक रहेगा। यह भारत में दिखने वाला पहला सूर्यग्रहण होगा। इस बार लगने वाला ग्रहण काफी प्रभावशाली माना जा रहा है। सूर्यग्रहण का सूतक ग्रहण लगने के बारह घंटे पहले से लगता है परंतु यह ग्रस्तास्त ग्रहण है इसलिए इस ग्रहण का सूतक प्रातः सूर्योदय से माना जायेगा। साधारण शब्दों में भारत में सूर्यग्रहण का प्रभाव सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। यह सूर्य ग्रहण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका सूतक दिवाली की रात से ही लग रहा है। धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण लगवे को शुभ नहीं माना जाता। 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब ग्रहण लगता है उस समय हमारे आसपास मौजूद हर चीज पर इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसे में कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें करने से हमें बचना चाहिए खास तौर पर गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्हें खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। तो चलिए जानते हैं कौनसी बातें हैं जो गर्भवती महिलाओं के ध्यान में रखने की जरूरत है।

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि ग्रहण के दुष्प्रभाव से भोजन दुषित हो जाता है। इसलिए पहले से पके भोजन पर तुलसी का पत्ता या गंगाजल डाल दें।

शास्त्रों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को सूर्यग्रहण के दौरान सूई, चाकू, या किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तु से दूर रहना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन सबका उपयोग करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर दुष्प्रभाव पड़ता है। 

सबसे ज्यादा ध्यान में रखने वाली बात यह है कि जब सूर्यग्रहण प्रारंभ होता है, तो उस समय से लेकर ग्रहण के खत्म होने तक महिला को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए जिसका सीधा असर मां के साथ-साथ  उसके बच्चे पर भी होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,  गर्भवती महिलाओं का सूर्यग्रहण देखना वर्जित कहा गया है। अगर वे देखती हैं तो उसका बुरा प्रभाव महिला के होने वाले बच्चे पर पड़ने के चांस होते हैं। साथ ही सूर्य ग्रहण की हानिकारक किरणों से बचने के लिए घर की खिड़कियों को पदों से ढक देना ही सही है।

गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण के दौरान सोएं नहीं। बल्कि हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा और हनुमान जी की कृपा से सभी संकट और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। सूर्य ग्रहण के समय में गर्भवती महिलाओं को अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए। इसके अलावा सूर्य ग्रहण के समापन के बाद स्नान करें और फिर साफ वस्त्र पहनें।

गर्भवती महिलाओं को उठने-बैठने के दौरान भी सावधानी बरतनी चाहिए। इस दौरान आपको पैर मोड़कर या गलत तरीके से नहीं बैठना चाहिए। क्योंकि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार माना जाता है कि इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के जन्म के पश्चात के विकलांग होने की आशंका होती है।

ग्रहण के पश्चात स्नान करके अन्न, फल, वस्त्र आदि सामर्थ्यानुसार दान करें। जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्यग्रहण हो यानि सूर्य के साथ राहु, केतु या शनि बैठे हों उन्हें ताम्बे का बर्तन, गेहूँ आदि सूर्य की वस्तुओं का दान करना चाहिए।

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