पंचकूला के सरकारी अस्पताल में तैनात नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बैनीवाल रविवार रात ड्यूटी के दौरान ICU में मृत पाई गईं। घटना का पता उस समय चला, जब अगली शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे और उन्हें स्टोर एरिया के पास फर्श पर गिरी हुई अवस्था में देखा।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत से करीब आधे घंटे पहले तक प्रीति बैनीवाल को स्टाफ द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया था। हालांकि, घटना के बाद उनका मोबाइल फोन मौके से गायब बताया जा रहा है।
मोबाइल के गायब होने से मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है, और अस्पताल के कुछ स्टाफ सदस्यों की भूमिका को लेकर संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, इन आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल की अंतिम लोकेशन के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है और जांच जारी है।
प्रीति बैनीवाल मूलरूप से हिसार के जुगलान गांव की रहने वाली थी। फिलहाल वह परिवार के साथ पंचकूला के सेक्टर-31 में रहती थी। प्रीति बैनीवाल की जॉब सॉल 2024 में लगी थी। पहली ही पोस्टिंग पंचकूला सिविल अस्पताल में आई थी। प्रीति की ड्यूटी का अधिकांश समय आईसीयू में ही बीता है।
सूत्रों की मानें, तो पंचकूला अस्पताल के आईसीयू में फोरेंसिक की टीम जांच के लिए पहुंची, तो वहां पर बड़ी संख्या में एक्सपायरी इंजेक्शन रखे हुए थे, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई है। हालांकि स्टाफ सदस्यों ने बड़ी मिन्नतें टीम के सामने की थी। अपनी इंक्वायरी खुलने की बात भी कही, लेकिन टीम इसे एविडेंस बताते हुए साथ ले गई।
प्रीति बैनीवाल का भाई नितिन हेल्थ विभाग मुख्यालय पंचकूला में ही कार्यरत है। वहीं उसका एक भाई आशीष चुनाव आयोग में सेवारत है। प्रीति की भाभी पंचायत विभाग में सचिव के पद पर तैनात है। प्रीति दोपहर 2 बजे घर से ड्यूटी के लिए आई थी। रात करीब 8 बजे उसकी शिफ्ट खत्म होनी थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। अस्पताल प्रशासन ने परिवार को सूचित किया तो परिवार के लोग अस्पताल की ओर दौड़े।
नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बैनीवाल की मौत का राज अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा। परिवार के लोग पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचे हुए हैं। हालांकि परिवार ने अभी किसी पर भी किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं जताया है। परिवार के अनुसार घटना के तुरंत बाद उन्हें सूचना मिली थी। वे 10 मिनट में ही अस्पताल पहुंचे थे लेकिन तब तक प्रीति की मौत हो चुकी थी।
