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हरियाणा में खत्म होंगे नंबरदार पद- नई नियुक्तियों पर रोक के बाद पुरानों को फिटनेस और उम्र के आधार पर किया जाएगा पदमुक्त

हरियाणा सरकार ने नंबरदार पद को खत्म करने की पूरी तैयारी कर ली है। नए नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक के बाद पूर्व में नियुक्त नंबरदारों को भी जल्द ही पदमुक्त किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने पुराने नंबरदारों को फिटनेस व उम्र के आधार पर पदमुक्त करने का फैसला लिया है। राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग ने नंबरदारी प्रथा के कामकाज पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

इसके तहत सभी जिला उपायुक्तों को मौजूदा कार्यरत नंबरदारों को 75 वर्ष तक कार्यरत रखने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा जो नंबरदार 60 की उम्र पार कर चुके हैं, उनको भी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना होगा। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले के कारण वर्तमान में नियुक्त आधे से ज्यादा नंबरदार खुद ही पदमुक्त हो जाएंगें। फिलहाल प्रदेश में 23 हजार 375 नंबरदार के पद मंजूर हैं, लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं।

जो नियुक्त हैं, उनमें से भी 60 फीसदी की उम्र 60 से 80 के बीच में है। हरियाणा नंबरदार एसोसिएसन के प्रधान जिले सिंह संदलाना ने बताया कि सरकार की मंशा साफ दिख रही है कि वह इस पद को खत्म करने की पूरी तैयारी में है। जल्द ही इसके लिए हरियाणा लेवल पर नंबरदारों की मीटिंग बुलाकर आंदोलन करने का फैसला लिया जाएगा। सरकार को सामाजिक सरोकार से जुड़े पदों को इस तरह से खत्म नहीं करने दिया जाएगा।

ग्रामीण एरिया में नंबरदार का पद सामाजिक और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ पद है। नंबरदार पद पर नियुक्त व्यक्ति को गांव में अलग ही सम्मान मिलता है। नंबरदार सरकार प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करता है। इस पद पर अंग्रेजों के जमाने से ही नियुक्तियां होती रही हैं। सरपंच के अलावा गांव में नंबरदार के पास तमाम तरह की प्रशासनिक पावर होती है और सरकारी दस्तावेजों में नंबरदार की तस्दीक मान्य है।

जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकों की पहचान व आबियाना इकट्‌ठा करना आदि नंबरदारों का काम है। हुड्डा सरकार से पहले नंबरदार का पद वंशानुगत होता था। इसके बाद इसे बदलकर योग्यता के आधार पर कर दिया गया। गांव में एक एससी जाति, सामान्य व बीसी वर्ग से नंबरदार होता है, ताकि सामाजिक बैलेंस बना रहे। माना जा रहा है कि डिजिटल युग में नंबरदारों की जरूरत नहीं बची है।

जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली नंबरदार की गवाही में भी अन्य विकल्प दिए जा चुके हैं। आबियाना इकट्ठा करने का काम भी नहरी पटवारियों को दिया जा चुका है। वर्तमान में नियुक्त नंबरदारों को 3000 रुपए महीना पेंशन और फ्री किराए की सुविधा मिलती है।

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