रोहतक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी करने के लिए बड़ी राहत दी है। किसी भी व्यक्ति को एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) तत्काल चाहिए तो उन्हें पांच हजार रुपये शुल्क अतिरिक्त जमा कराना होगा। अब नए नियम में दो दिनों के अंदर एनओसी जारी होगी। यदि किन्हीं कारणों से निगम कार्यालय की खामी के चलते एनओसी जारी नहीं हो पाती है तो आवेदक को पांच हजार शुल्क व एक हजार रुपये का मुआवजा यानी सीधे तौर से छह हजार रुपये वापस होंगे।
नगर निगम के आयुक्त डा. नरहरि बांगड़ के मुताबिक, प्राय: देखने में आया है कि कभी-कभी आमजन-नागरिको को संपत्तिकर प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर तुरंत आपत्तियों के समाधान की आवश्यकता होती है और वे प्रतीक्षा करने की स्थिति में नहीं होते है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए संपत्तिकर प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर ‘तत्काल समाधान’ विकल्प लागू किया गया है। नए विकल्प में माध्यम से संपत्ति में नाम परिवर्तन, संपत्ति का पता, मोबाइल नंबर परिवर्तन, बकाया राशि को अपडेट करना संपत्ति का क्षेत्र को अपडेट करना, संपत्ति के उपयोग में परिवर्तन, अनाधिकृत का अधिकृत में स्थिति का परिवर्तन की विसगतियों के समाधान के लिए वर्तमान तय शुल्क के अतिरिक्त पांच हजार रुपये का शुल्क तय कर दिया है। अतिरिक्त शुल्क के बाद आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन अस्वीकृत का स्पष्ट बताना होगा कारण|
नगर निगम के आयुक्त डा. बांगड़ ने सरकार के आदेशों को लेकर कहा कि गंभीरता से पालन कराएंगे। जो भी अधिकारी या फिर कर्मचारी लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई भी होंगे। इन्होंने नए नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने उपरोक्त कार्यों के समाधान के लिए के नए प्रावधान को संपत्तिकर प्रबंधन प्रणाली पोर्टल का संचालन शुरू हो गया है। तत्काल समाधान विकल्प के आवेदन करने के लिए प्रति संपत्ति आवेदन के लिए तय अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके तहत किए गए आवेदनों को पोर्टल अलग से दिखाएगा जिस पर प्राप्त आवेदनो को दो कार्य दिवस के अंदर-अंदर निपटान किया जाएगा। आवेदन को अस्वीकृत करने के दौरान कारण स्पष्ट दर्शाया जाएगा। यदि उपरोक्त कार्य की समयावधि में देरी की स्थिति में तत्काल समाधान शुल्क प्रार्थी को मुआवजा राशि वापसी होगी। इसके साथ ही यह प्रावधान किसी प्राकृतिक आपदा या सेवा प्रदाता का नेटवर्क टूटना, डेटा सर्वर की समस्या व किसी जरूरी साफ्टवेयर सिस्टम के रखरखाव की गतिविधि आदि होने की स्थिति में लागू नहीं होगा।

