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अब कुतुबमीनार पर बड़ा दावा: विक्रमादित्य ने सूर्य के अध्ययन के लिए बनवाई थी मीनार:- पुरातत्व विभाग के पूर्व अफसर

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के एक पूर्व अफसर ने कुतुब मीनार को लेकर बड़ा दावा किया है। अफसर ने कहा कि कुतुब मीनार का निर्माण पांचवीं शताब्दी में सम्राट विक्रमादित्य ने कराया था। उन्होंने बताया कि विक्रमादित्य ने ये मीनार इसलिए बनवाई थी, क्योंकि वे सूर्य की स्थितियों पर अध्ययन करना चाहते थे।

पूर्व ASI अफसर के 3 बड़े दावे

1. कुतुब मीनार नहीं, सन टॉवर
इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में ASI के पूर्व रीजनल डायरेक्टर धर्मवीर शर्मा ने दावा किया है कि कुतुब मीनार को कुतब-उद-दीन ऐबक ने नहीं बनवाया था। उन्होंने कहा कि यह कुतुब मीनार नहीं, सन टॉवर है। मेरे पास इस संबंध में बहुत सारे सबूत हैं। शर्मा ने ASI की तरफ से कई बार कुतुब मीनार का सर्वेक्षण किया है।

2. मीनार के टॉवर में 25 इंच का झुकाव
उन्होंने कहा, ‘कुतुब मीनार के टॉवर में 25 इंच का टिल्ट (झुकाव) है, क्योंकि यहां से सूर्य का अध्ययन किया जाता था। इसीलिए 21 जून को सूर्य आकाश में जगह बदल रहा था तब भी कुतुब मीनार की उस जगह पर आधे घंटे तक छाया नहीं पड़ी। यह विज्ञान है और एक पुरातात्विक साक्ष्य भी।’

3. रात में ध्रुव तारा देखा जाता था
शर्मा ने बताया कि लोग दावा करते हैं कि कुतुब मीनार एक स्वतंत्र इमारत है और इसका संबंध करीब की मस्जिद से नहीं है। दरअसल, इसके दरवाजे नॉर्थ फेसिंग हैं, ताकि इससे रात में ध्रुव तारा देखा जा सके।

हिंदू संगठनों ने की कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग
पिछले हफ्ते हिन्दू संगठनों ने कुतुब मीनार परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ करके इसका नाम विष्णु स्तंभ करने की मांग की थी। यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने दावा किया था जैन और हिंदू मंदिरों को तोड़कर कुतुब मीनार को बनाया गया था। पुलिस ने संगठन के कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया था।

विवादित रहा है कुतुब मीनार का इतिहास

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