हरियाणा सरकार अब हर हरियाणवी की सेहत का लेखा-जोखा तैयार करेगी। इसके लिए सरकार राज्य के हर व्यक्ति का हेल्थ चेकअप कराने जा रही है। प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच का डिजिटल रिकॉर्ड भी सरकार तैयार करेगी, ताकि उनका कहीं पर भी इस्तेमाल किया जा सके। इसकी शुरुआत राज्य के BPL परिवारों से की जाएगी।
वर्तमान में विभिन्न सरकारी संस्थानों में यह सर्वेक्षण करवाए जाएंगे। सरकार की कोशिश रहेगी कि उन लोगों को भी सर्वे में शामिल किया जाए, जो अस्पताल नहीं आ सकते। उनके घरों में जाकर टेस्ट एकत्रित करने की भी सरकार की योजना है। इससे सरकार राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच बनाने की योजना पर काम कर रही है।
नवंबर के अंत में शुरू होने वाली इस सिटीजन हेल्थ सर्वे के लिए सूबे का स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर की रूपरेखा बन चुकी है। कुछ जरूरी सामानों की खरीद भी की जा रही है। इस योजना के तहत साल में एक बार लोगों का हेल्थ चेकअप किया जाएगा।
राज्य की इस महत्वपूर्ण योजना पर CM मनोहर लाल खुद नजर रख रहे हैं। वह स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का इसका पल पल अपडेट भी ले रहे हैं। सीएम ने विधायक दल की बैठक में सभी MLA को इस योजना की जानकारी दी है। उन्होंने विधायकों से कहा है कि वह सरकार की ऐसी सभी योजनाओं की जानकारी धरातल पर जाकर लोगों को दें।
हरियाणा में जल्द ही गोल्डन कार्ड के जरिए 5 लाख रुपए तक का अस्पतालों में फ्री इलाज मिल सकेगा। इस सेवा का 1.80 वार्षिक आय वाले लोगों को लाभ मिलेगा। राज्य में ऐसे लोगों की संख्या करीब 28 लाख है। हरियाणा सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के ऐसे जरूरतमंद परिवारों को लाभ देने की शुरुआत कर रही है।
जिनका नाम वर्ष 2011 के सामाजिक आर्थिक और जातिगत जनगणना (SECC) डाटा में दर्ज नहीं था। ऐसे सभी व्यक्तियों के हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे हैं। CM मनोहर लाल 21 नवंबर को मानेसर में गोल्डन कार्ड वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ कर लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित करेंगे।
