हरियाणा की BJP सरकार प्रदेश की सभी महिलाओं को 2100 रुपए नहीं देगी। यह लाभ सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मिलेगा। हालांकि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में सभी महिलाओं को यह राशि देने का वादा किया था। जिसे सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना का नाम दिया था।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में 20 अहम वादे किए थे। इनमें पहला संकल्प इसी योजना का था। सबको रुपया न देने से 25 लाख महिलाओं को झटका लगा है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सबकुछ सही रहा तो अप्रैल माह से योजना का लाभ मिलने लगेगा।
सरकार आगामी बजट सत्र में इस योजना के लिए करीब 10 से 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान करने जा रही है। सरकार इस अहम घोषणा की पूर्ति के लिए फिजूल खर्ची और अन्य योजनाओं का खर्च घटा सकती है।
लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ 18 साल से लेकर 60 साल तक की महिलाओं को दिया जाएगा, क्योंकि इसके बाद बुढ़ापा पेंशन मिलती है। यह योजना उन गरीब महिलाओं के लिए है, जिन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपए तक है। योजना की लाभार्थी को पीपीपी, जन्म प्रमाण पत्र समेत कई कागजात देने होंगे।
राज्य में 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं की संख्या 95 लाख से ज्यादा है। बुजुर्ग और विधवा पेंशन पाने वाली महिलाओं को हटाने के बाद भी यह संख्या 75 लाख रह जाती है। ऐसे में यदि योजना का लाभ इन सभी महिलाओं को दिया जाए तो हर महीने 1575 करोड़ और सालाना 18,900 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।
सरकार ने इस योजना को अब आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं तक सीमित करने का फैसला किया है। प्रदेश में 52.95 लाख बीपीएल परिवार हैं। इनमें करीब 50 लाख महिलाएं हैं।
वित्त एवं योजना विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सिर्फ गरीब महिलाओं को 2100 रुपए प्रतिमाह देने पर 1000 करोड़ और सालाना करीब 10-12 हजार करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रेय ने कहा कि सरकार अपने वादे पूरे करेगी। योजनाएं गरीबों के लिए ही बनाई जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है। इसलिए इस योजना का लाभ भी गरीब महिलाओं को ही मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी निकाय चुनाव के प्रचार में कह रहे हैं कि सरकार लाडो लक्ष्मी योजना को लागू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मार्च में बजट सत्र के बाद इसे लागू किया जाएगा। इस योजना के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।

