उपायुक्त यशपाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए नगर निगम द्वारा विभिन्न गतिविधियों की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि एटीपी को निर्माण व विध्वंस गतिविधियों निर्माण सामग्री का उचित तरह से रखरखाव, निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग, होटल, रेस्टोरेंट इत्यादि में तंदुर में कोयला जलाने पर प्रतिबंध, जनरेटर सैट के स्थान पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, मुख्य स्वाच्छता निरक्षक को नियमित रूप से ठोस कचरा, निर्माण व विध्वंस कचरा तथा खतरनाक कचरे का उठान, सडक़ों की सफाई एवं पानी का छिडक़ाव के लिए मुख्य स्वच्छता निरीक्षक एवं अग्निश्मन अधिकारी, सडक़ों पर टै्रफिक कम करने के लिए एकीकृत आवागमन शुरू करने के लिए सभी विभागाध्यक्ष को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि कार्यकारी अभियंता/मुख्य स्वच्छता निरीक्षक द्वारा नागरिकों से वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए अपने वाहनों को पूरी तरह फीट रखने, टायरों में उचित वायु दबाव रखने, प्रदूषण सर्टिफिकेट को अपडेट करने, रैड लाइट पर वाहनों के इंजन को बंद रखने व खुले स्थानों पर कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाये। डीजल जनरेटर्स का आपातकालीन स्थितियों को छोडक़र प्रयोग बंद करना, यातायात के समूचित संचालन के लिए आवश्यक प्रबंध करना, खनन व संबंधित गतिविधियां बंद करना, ईंट भाठै बंद करना आदि गतिविधियों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

