हरियाणा में बिजली चोरी के मामलों में लंबित जुर्माना राशि की वसूली अब तेजी से की जाएगी। हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो ने 45 दिन में करीब 56 करोड़ रुपए की बकाया जुर्माना राशि वसूलने का अभियान शुरू किया है।
हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह विर्क ने प्रदेश के सभी 22 जिलों के प्रवर्तन ब्यूरो थाना प्रभारियों को इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत 1 लाख से 5 लाख रुपए तक के जुर्माने वाले 5,019 मामले और 5 लाख रुपए से अधिक जुर्माने वाले 587 मामले शामिल किए गए हैं। अब इन सभी मामलों की समीक्षा कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने थानों के रिकॉर्ड की जांच कर ऐसे मामलों की अलग सूची तैयार करें, जिनमें 1 लाख रुपए या उससे अधिक की जुर्माना राशि लंबित है। थाना प्रभारी खुद इसकी निगरानी करेंगे और जल्द से जल्द बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करेंगे।
अभियान की प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह तैयार की जाएगी। वसूल की गई जुर्माना राशि का पूरा विवरण हर सोमवार को एसपी, प्रवर्तन मुख्यालय, शक्ति भवन को भेजना अनिवार्य होगा।
फरीदाबाद और गुरुग्राम में सबसे ज्यादा मामले
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक फरीदाबाद में 1 से 5 लाख रुपए के जुर्माने वाले 1,506 मामले हैं, जबकि 5 लाख रुपए से अधिक जुर्माने वाले 99 मामले हैं। वहीं गुरुग्राम में 1 से 5 लाख रुपए के 1,186 मामले और 5 लाख रुपए से अधिक जुर्माने वाले 230 मामले हैं।
इसके अलावा नूंह में 318, महेंद्रगढ़ में 246, फतेहाबाद में 192 और पलवल में 179 मामले 1 से 5 लाख रुपए के जुर्माने वाले हैं।
हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो प्रदेश के सभी 22 प्रवर्तन थानों के माध्यम से 24 घंटे काम करता है। ब्यूरो की जिम्मेदारी बिजली चोरी, पानी चोरी, अवैध खनन, अवैध शराब कारोबार और अनाधिकृत कॉलोनियों के विकास पर कार्रवाई करना है।
ब्यूरो के अनुसार, बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और पर्यावरणीय अपराध भी है। अब लंबित जुर्माने की वसूली के लिए शुरू किए गए इस विशेष अभियान में थाना प्रभारियों को सीधे जिम्मेदारी दी गई है।
