हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (JJP) के पूर्व प्रदेशाध्यीक्ष निशान सिंह 30 साल बाद फिर कांग्रेसी में वापसी हो गई है। चंडीगढ़ में उन्होंने पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन की। निशान सिंह ने जजपा छोड़ने की वजह पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली को बताया है। उन्होंने कहा कि बबली के विधायक एवं मंत्री रहते हुए जेजेपी के कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। इसके बाद उन्हें इस तरह का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
निशान सिंह ने कांग्रेस जॉइन करने के बाद कहा कि जेजेपी छोडने के बाद उन्होंने अपने साथियों से राय शुमारी मांगी तो जनमत यही था कि कांग्रेस में जाना है, इसलिए उन्होंने कांग्रेस में जाने का निर्णय लिया। जेजेपी छोड़ते समय उन्होंने यह भी तय किया था कि पुरानी पार्टी पर किसी तरह के आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाएंगे।
जेजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह यदि कांग्रेस में जाते हैं तो टोहाना से कांग्रेस की टिकट के प्रबल दावेदार और पार्टी के पूर्व मंत्री सरदार परमवीर सिंह के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसी साल होने वाले प्रदेश में विधानसभा के चुनाव में तब टोहाना सीट से पार्टी के दो बड़े नेता आमने-सामने होंगे। अभी तक कांग्रेस में परमवीर सिंह ही टोहाना से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। इसके अलावा यहां एसआरके गुट तथा हुड्डा गुट के नेता एकजुट होने की बात कर चुके हैं, लेकिन सच्चाई तो लोकसभा चुनाव में सामने आएगी।
जजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह के साथ ही जजपा के शाहाबाद से विधायक रामकरन काला की भी कांग्रेस जॉइन करने की चर्चा थी। हालांकि उनकी ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई। बाद में शाहाबाद से जननायक जनता पार्टी के विधायक रामकरण के बेटे जेजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए। एमएलए रामकरण के बेटे एडवोकेट कंवरपाल जिला परिषद के मेंबर हैं और रामकरण काला के छोटे बेटे हैं। रामकरण काला के बड़े बेटे सुखरमपाल पूर्व ज़िला पार्षद रहे हैं।
दूसरे दलों के बड़े नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने के लिए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान मौजूद रहे।
