सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्टूबर को लखबीर सिंह की हत्या के बाद किसान आंदोलन में निहंगों की मौजूदगी पर सवाल उठने लगे। इस बीच बुधवार को निहंग जत्थेबंदियों ने ऐलान किया गया है कि वह सिंघु बॉर्डर से नहीं हटेंगे। यहां से निहंगों के जत्थे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में जाकर गुरुद्वारा साहिब को चेक करेंगे और अगर वहां बेअदबी की घटना होती है, तो निहंग कानूनी नहीं बल्कि खुद कार्रवाई करेंगे। निहंगों की तरफ से बुधवार को बॉर्डर पर धार्मिक एकत्रता बुलाई गई थी। जिसमें पंजाब से अलग अलग धार्मिक संगठनों के सदस्य और नेता पहुंचे।
इस दौरान अपने संबोधन में अलग अलग नेताओं ने कहा है कि अगर सिंघु बॉर्डर पर निहंग सिंह नहीं होते तो कब का किसानों की स्टेज पर कब्जा हो गया होता। इसलिए कोई भी निहंग संगठन यहां से वापस नहीं जाएगा और यह किसी एक पार्टी या संगठन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि सभी का साझा प्रदर्शन है। इसलिए यहां से उन्हें हटाने वाला कोई नहीं।
बाबा अमन सिंह के दल से बाबा राजा राम ने बताया कि अब वह पंजाब में भी गुरुद्वारा साहिब में जाएंगे। निहंगों के जत्थे वहां चेकिंग करेंगे। जहां पर चौकीदार नहीं होगा, वहां चौकीदार रखे जाएंगे। वह गुरुद्वारा साहिब में अपने संपर्क नंबर देकर आएंगे। अगर कहीं भी बेअदबी होती है तो वह कानूनी नहीं अब अपने तरीके से कार्रवाई करेंगे।

