Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

निहंग प्रमुख का भाजपा नेता के साथ फोटो वायरल: किसान नेता बना रहे मुद्दा

सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में दशहरे तड़के हुई युवक लखबीर सिंह की हत्या के बाद अब सोशल मीडिया पर कुछ फोटो तेजी से वायरल हो रही हैं। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सिंघु बॉर्डर पर बैठे निहंग जत्थेबंदियों के प्रमुखों में शामिल बाबा अमन सिंह को सिरोपा पहनाकर उनका सम्मान कर रहे हैं। फोटो में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और दूसरे BJP नेता भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर जुलाई 2021 में कैलाश चौधरी के आवास की है।

फोटो सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने लखबीर सिंह की हत्या को षड्यंत्र बताकर भाजपा पर सवाल उठाए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और किरती किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष रजिंदर सिंह दीपसिंहवाला ने कहा कि बाबा अमन सिंह और भाजपा नेताओं के बीच हुई इस मीटिंग के बाद गंदी राजनीति की बदबू आ रही है।

भाजपा नेताओं के साथ निहंग बाबा अमन सिंह की कुछ फोटो सामने आई हैं। ये फोटो जुलाई 2021 की हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी के घर ली गई इन फोटो में बाबा अमन सिंह के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, कैलाश चौधरी, लुधियाना के भाजपा किसान सेल के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, पंजाब पुलिस से बर्खास्त किए जा चुके विवादित इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ‘पिंकी’ और कुछ अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं। एक फोटो में नरेंद्र सिंह तोमर बाबा अमन सिंह को सिरोपा पहना रहे हैं तो दूसरी फोटो में बाबा अमन सिंह डाइनिंग टेबल पर बैठकर केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ खाना खा रहे हैं।

मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और निहंग बाबा अमन सिंह की फोटो ट्वीट की। गौरतलब है कि सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह की हत्या करने के आरोप में जिन चार निहंगों सरबजीत सिंह, नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत ने सरेंडर किया है, वह चारों ही बाबा अमन सिंह की जत्थेबंदी से ही ताल्लुक रखते हैं। सरबजीत सिंह, भगवंत सिंह और गोविंदप्रीत के सरेंडर के दौरान बाबा अमन सिंह खुद आगे रहे थे।

संयुक्त किसान मोर्चा के सीनियर नेता राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और बलवीर सिंह राजेवाल पहले ही कह चुके हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बेअदबी के सबूत सामने आने चाहिए और हत्यारों को सजा होनी चाहिए। यही नहीं उनकी ओर से यह भी कहा गया है कि वह निहंग सिंह संगठनों को मोर्चे से जाने को कह चुके हैं। यह धार्मिक संघर्ष नहीं, बल्कि किसान संघर्ष है। मगर इसके बावजूद वह मानने को तैयार नहीं हैं।अब निहंग सिंहों की तरफ से 27 अक्टूबर को बॉर्डर पर धार्मिक एकत्रता बुलाई गई है और कहा गया है कि वह इस दिन यहां से जाने का फैसला लेंगे।

फोटो सामने आने के बाद से निहंगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पहले ही संयुक्त किसान मोर्चा समेत कई अन्य दल उनका विरोध कर रहे थे।भाजपा नेताओं के साथ फोटो जारी होने से उन्हें विरोध का सामना करना पड़ सकता है। इसका बचाव करना भी मुश्किल होगा।

Exit mobile version