प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। टॉप 500 बकायेदारों में से 152 को शुक्रवार शाम तक सीलिंग के नोटिस दिए गए हैं। नोटिस में हिदायत दी गई है कि सात दिन में बकाया जमा नहीं किया तो सीलिंग होगी। वहीं, एक लाख रुपये से ज्यादा के 2461 बकायेदारों को भी नोटिस भेजना शुरू कर दिया गया है।

नगर निगम 1.87 लाख प्रॉपर्टी से टैक्स वसूली करता है, जो निगम की आय का मुख्य जरिया है। लॉकडाउन के चलते लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया था। लॉकडाउन खत्म हुआ तो सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए छूट दे दी। जिसके तहत चालू प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 फीसदी और बकाये पर 25 फीसदी छूट है। इसके बाद भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं हो रहा है। वहीं, निगम को चालू वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलना है और साढ़े पांच माह में करीब नौ करोड़ रुपये ही आए हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद बायेदारों द्वारा टैक्स जमा न करने पर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। पहले टॉप 500 बकायेदारों की सूची बनाकर नोटिस दिए गए। इसके बाद दो और नोटिस देकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शुक्रवार को करीब 152 बकायेदारों को नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 130 के तहत नोटिस दिए गए हैं।

बैठक में तय होगी सीलिंग की रणनीति
नगर निगम सोमवार को बैठक करके सीलिंग की रणनीति बनाएगा। बैठक में तय किया जाएगा कि कितनी टीमें सीलिंग कार्रवाई करने निकलेंगी। विरोध की आशंका के चलते पुलिस फोर्स की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाएगा।

चल संपत्ति की हो सकती है नीलामी
निगम अधिकारियों ने तय किया है कि प्रॉपर्टी की सीलिंग के बाद भी यदि टैक्स जमा नहीं होगा तो प्रॉपर्टी की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यदि किसी बकायेदार की चल संपत्ति मिलेगी तो उसे नीलाम कराया जाएगा।
152 बकायेदारों को सीलिंग के नोटिस दे दिए हैं। एक सप्ताह में टैक्स जमा नहीं किया तो सीलिंग होगी। इसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनके अलावा एक लाख से ज्यादा के 2461 बकायेदारों की भी सूची बनाकर नोटिस देना शुरू कर दिया है।

– सुरेश कुमार, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम

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