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हरियाणा में NIA ने कम्युनिस्ट नेता को लिया हिरासत में: BKU क्रांतिकारी की महिला नेता पर रेड, भड़के किसानों ने लगाया जाम

हरियाणा और पंजाब में आज सुबह नेशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (NIA) ने दबिश दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोनीपत में वर्धमान गार्डेनिया टावर रायपुर में कम्युनिस्ट नेता पंकज त्यागी के घर टीम पहुंची। यहां टीम ने घर से कुछ जरूरी दस्तावेज और फोन कब्जे में लेने के साथ पंकज त्यागी को हिरासत में ले लिया। घर से बाहर निकलते वक्त पंकज त्यागी ने मीडिया से कहा कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में NIA ने केस दर्ज किया है। सच बोलने पर मामला दर्ज हुआ है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं बठिंडा के कस्बा रामपुरा फूल स्थित सराभा नगर में भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी की महिला नेता सुखविंदर कौर खंडी के घर सुबह 5 बजे टीम पहुंची। रेड की सूचना पर किसान यूनियन क्रांतिकारी के नेता भड़क गए। वह जाम लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। यूनियन ने कहा कि जब तक रेड के कारणों को नहीं बताया जाएगा, तब तक किसी को नहीं जाने दिया जाएगा। किसान यूनियन के जिला प्रधान पुरुषोत्तम महाराज से मिली जानकारी के अनुसार घर में 85 साल के बुजुर्ग भी हैं। घर से न किसी को बाहर जाने दिया। न ही किसी को फोन करने दिया गया। यहां तक की सेवादार को भी घर में जाने नहीं दिया। जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला तो वह यहां पहुंचे।

पुरुषोत्तम के मुताबिक उन्होंने NIA को साफ कहा था कि कोई भी जांच करनी है तो उनके मेंबर सामने होने चाहिए। इसलिए हमने अपने वकील सहित 3 लोग अंदर भेजे हैं। किसान नेताओं के मुताबिक जब उन्होंने एसएचओ से पूछा कि यह कार्रवाई क्यों हो रही है तो उन्होंने बताया कि कुछ मेल NIA को गई थी। जिसमें फेसबुक और इंस्टाग्राम के बारे में बताया गया। उन्होंने कहा कि सारे पड़ोसी यहां पर खड़े हैं। पूरे गांव से परिवार के बारे में पता लगाया जा सकता है। यह घर गैंगस्टरों या आतंकियों का नहीं है। यह लोक विरोधी काम कम करने वाला घर नहीं है। सरकार को इस चीज को समझना चाहिए।

किसानों से मिली जानकारी के अनुसार कल शंभू बॉर्डर पर किसानों द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया जाना है। उनकी यूनियन सरकारों की आंखों में चुभती है। क्योंकि प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बनेगा। इसी वजह से यह कार्रवाई की जा रही है। किसानों को उलझाया जा रहा है। उन्हें जेलों में बंद करने की कोशिश की जा रही है। केंद्र और पंजाब सरकार आपस मे मिली हुई है। पंजाब में बदलाव की सरकार आई थी, लेकिन अब यह कम नहीं है। उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इसलिए हमने यहीं पर बैठकर संघर्ष शुरू कर दिया है।

हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर पिछले 6 महीने से एमएसपी की लीगल गारंटी समेत अन्य मांगों काे लेकर चल रहे आंदोलन में बीकेयू क्रांतिकारी यूनियन भी शामिल है।

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