Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

पीजीआई से बच्चा चोरी में 4 साल में 2 एसआईटी इंचार्ज बदले, अब तक नहीं हुआ खुलासा

चार साल पहले पीजीआई के लेबर वार्ड से जन्म के तुरंत बाद नवजात चोरी मामले में पुलिस अब तक कोई खुलासा नहीं कर पाई। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई थी। चार साल में एसआईटी के दो जांच अधिकारी बदल चुके है, लेकिन अब तक इनपुट जीरो है। अब मामले की जांच खुद एसपी राहुल शर्मा कर रहे है। गुरुवार को पीड़िता न्याय की मांग लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। डेयरी मोहल्ला निवासी रंजू ने बताया कि उसके बेटे को चोरी हुए गुरुवार को पूरे चार साल हो गए हैं। चार साल में भी पुलिस कोई भी इनपुट नहीं जुटा पाई है। पीड़िता ने एसपी से महिला डॉक्टर के लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाने की मांग की है।

इन जांच अधिकारियों के हो चुके है तबादले
पीजीआई से बच्चा चोरी मामले में तत्कालीन एसपी पंकज नैन की ओर से मामले की जांच के लिए डीएसपी डॉ. रविंद्र के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। उनके ट्रांसफर के बाद डीएसपी जमाल मोहम्मद को एसआईजी इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब एसपी राहुल शर्मा मामले की स्वंय जांच कर रहे है। लेकिन अब तक मामले की जांच सिरे नहीं चढ़ पाई।

परिजन एक महीने तक पीजीआई में दे चुके हैं धरना
पीजीआई के लेबर रूम से चोरी हुए बच्चे की तलाश में परिजन एक महीने तक धरना दे चुके हैं। शहर में धरना प्रदर्शन कर चुके है। पुलिस अधिकारियों को भी लिखित शिकायत दे चुके है, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है।

पीड़िता की चेतावनी -15 दिन में बच्चा नहीं मिला तो कर लूंगी आत्महत्या
पीड़िता ने एसपी को लिखी शिकायत में कहा कि जिन लोगों के अभी तक लाई डिटेक्टर टेस्ट नहीं हुए हैं, उनके 15 दिन में टेस्ट होने चाहिए। पीडि़ता ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर 15 दिनों में उसका बच्चा नहीं मिला तो वह वार्ड 2 के बाहर आत्महत्या कर लेगी।

Exit mobile version