NEET-UG 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर राज्यभर में मॉक ड्रिल आयोजित की। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी, पेपर लीक या सुरक्षा चूक को रोकना है।
हरियाणा के 19 शहरों में बनाए गए करीब 175 परीक्षा केंद्रों पर 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी।
पहली बार हवाई जहाज से पहुंचे प्रश्नपत्र
इस बार सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। पहली बार प्रश्नपत्रों के बंडल हवाई मार्ग से मंगाए गए हैं। प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्री को वायुसेना और पुलिस की निगरानी में जिला ट्रेजरी तक पहुंचाया गया है। इसके बाद पुलिस एस्कॉर्ट और नोडल अधिकारियों की देखरेख में इन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
हर स्तर पर प्रश्नपत्रों की सील की जांच होगी और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
GPS से होगी हर वाहन की निगरानी
परीक्षा सामग्री ले जाने वाले सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। वाहनों की रियल टाइम लोकेशन पर नजर रखी जाएगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
NTA के अनुसार, प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
CCTV कैमरों की नजर में रहेंगे केंद्र
राज्य के सभी परीक्षा केंद्र CCTV कैमरों की निगरानी में रहेंगे। इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से की जाएगी। केंद्रों पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट, इनविजिलेटर और अन्य अधिकारियों की तैनाती भी की गई है।
1:30 बजे के बाद नहीं मिलेगा प्रवेश
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11:30 बजे से शुरू होगा और दोपहर 1:30 बजे तक ही अभ्यर्थियों को एंट्री मिलेगी। इसके बाद किसी भी छात्र को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे समाप्त होगी।
रोडवेज हेल्प डेस्क और स्पेशल ट्रेनें
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज बस स्टैंडों पर हेल्प डेस्क स्थापित करेगा। वहीं, अभ्यर्थियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए बीकानेर मंडल की ओर से तीन विशेष ट्रेनें भी चलाई गई हैं।

