कैंसर की चौथी स्टेज का इलाज घर की देसी चीजों से बोल कर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) अपने ही एक दावे पर घिरते नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी नवजोत कौर (Navjot Kaur) ने आयुर्वेदिक डाइट के ज़रिए चौथी स्टेज कैंसर को मात दीं है। उनकी इस बात को बेवक़ूफ़ी बताकर बहुत से डाक्टरों ने सिद्धू की बात पर ऐतराज किया था। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल ने लोगों को आगाह किया था कि कैंसर के लिए हल्दी-नीम जैसे नुस्ख़ों पर विश्वास ना करें वो भी चौथी स्टेज के कैंसर पर।
टाटा मेमोरियल अस्पताल (Tata Memorial Hospital) के डॉक्टरों की आपत्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी (Chhattisgarh Civil Society) ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है जिसमें सिद्धू ने आयुर्वेदिक तरीके से कैंसर के चौथे स्टेज की बीमारी को मात देने का दावा किया था। अब छतीसगढ़ सोसाइटी ने पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 850 करोड़ रुपये का लीगल नोटिस भेजा है। इस सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू द्वारा कैंसर के चौथे स्टेज की बीमारी को 40 दिनों में मात देने का दावा किया है जिसे सुनकर देश-विदेश के कैंसर मरीज़ों में भ्रम पैदा हो गया है और साथ ही एलोपेथी मेडिसिन से उनका विश्वास उठ रहा है। नवजोत सिद्धू ने प्रेस कोंफ़्रेंस में दावा किया था कि बिना ऐलोपथी दवाओं के ही सिर्फ अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव कर उनकी पत्नी ने कैंसर को मात दी है।
डॉक्टर सोलंकी के अनुसार, उनके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं, मगर मरीज की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए इसे सामने नहीं ला रहे हैं। सोसाइटी ने लीगल नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर इस केस के इलाज के दस्तावेज पेश करने और माफी मांगने की मांग की है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनपर 100 मिलियन डॉलर यानी कि 850 करोड़ रुपये के जुर्माने का दावा किया जाएगा।

