जयहिंद सेना के संयोजक नवीन जयहिंद इन दिनों कर्ज में डूबे हुए हैं। कर्ज चुकाने को उन्हें अपनी गाड़ियां बेचनी पड़ रही है। जिसके लिए उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट भी लिखी है। वे अपनी 2 गाड़ियां बेचना चाह रहे हैं, जिसमें से एक बिक गई है।
प्रदेश में पहले छात्रों और बाद सामाजिक मुद्दों पर आंदोलन चलाने वाले जयहिंद पर करीब 50 लाख रुपए का कर्ज है। साल 2022 से गौड़ ब्राह्मण संस्था की पहरावर जमीन, बुजुर्गों की पेंशन और बेरोजगार युवाओं के लिए आंदोलन चलाने के दौरान हुए खर्च के कारण उन पर ये लाखों रुपए कर्ज हो गया है। अब मांगने वालों का तकाजा हुआ तो उन्होंने अपनी गाड़ियां बेचने का फैसला लिया है।
नवीन जयहिंद ने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में लिखा- दोनों गाड़ी बिकाऊ हैं। दिल के करीब है और आंदोलनकारी भला करने वाली गाड़ियां है। कर्ज और किश्तों ने तंग कर रखा है। लेनदारी-देनदारी का हिसाब करना है। लेनदारी लोग देते नहीं, हमें तो देनदारी देनी पड़ेगी। जो समय जुबान दे रखी है उस जुबान का तो पक्का रहना पड़ेगा। टोटा नफा तो चलता रहेगा, व्यवहार और नीयत खराब ना होनी चाहिए।

नवीन जयहिंद ने जब पोस्ट की तो उसके बाद लगातार उनके समर्थकों के कमेंट आ रहे हैं। समर्थक उनसे मदद के लिए स्कैनर मांग रहे हैं। लेकिन जयहिंद ने कहा कि वे कर्ज को खुद ही चुकाएंगें। अगर कोई सामाजिक कार्य करना होगा तो वे चंदा लेंगे। अपना कर्ज चुकाने के लिए वे किसी की मदद नहीं लेंगे।
नवीन जयहिंद 3 साल के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ कुछ ज्यादा ही मुखर रहे हैं। जिसके चलते पहले जहां वे बाग में रहते थे, उस निर्माण को ढहा दिया गया। उसके बाद पहरावर जमीन पर बुलडोजर की तैयारी हुई तो वहां पर बड़ा कार्यक्रम करना पड़ा। इसी तरह के चलते नवीन जयहिंद पर 3 साल के दौरान करीब 50 लाख रुपए का कर्ज चढ़ गया। हालांकि गाड़ियां बेचने से भी उनका केवल 15 लाख रुपए ही कर्ज उतरेगा।
