रोहतक के गांव गंधारा निवासी 102 वर्षीय दुलीचंद के सरकारी कागजों में मृत घोषित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने के लिए अनेकों तरह के प्रयत्न कर रहा है।
इसी बीच गुरुवार को नवीन जयहिंद ने कई लोगों के साथ मिलकर बुजुर्ग की बारात निकाली। रथ पर सवार पीड़ित बुजुर्ग और उनके आगे बैंड बाजे के साथ नोट उड़ाते हुए लोग मानसरोवर पार्क से चलकर रेस्ट हाउस पहुंचे।
यहां उन्होंने भाजपा उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि बुजुर्ग की तत्काल प्रभाव से पेंशन शुरू की जाए। साथ ही जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी पेंशन काटकर मृत घोषित किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मनीष ग्रोवर ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बुधवार को नवीन जयहिंद ने की थी पत्रकार वार्ता
बुधवार को बुजुर्ग और नवीन जयहिंद ने रोहतक में प्रेसवार्ता की थी। बुजुर्ग दुलीचंद ने कहा कि मैं अभी जिंदा हूं, मरा नहीं हूं। वहीं नवीन जयहिंद ने कहा कि हरियाणा में इतनी बड़ी उम्र के बुजुर्ग काफी कम बचे हुए हैं। इनको हरियाणा में ब्रांड एंबेसडर बनाना चाहिए।
जयहिन्द ने बुजुर्ग दुलीचंद के आधार कार्ड, पेन कार्ड, फैमिली आईडी और उनकी बैंक स्टेटमेंट दिखाते हुए मुख्यमंत्री से पूछा कि सरकार के पास इन बुजुर्गों की पेंशन देने के लिए पैसे नहीं हैं, क्या जो इस तरीके से उन्हें मृत दिखाकर उनकी पेंशन बंद कर रही है।
नवीन जयहिंद ने कहा कि दुलीचंद की आखरी पेंशन 2 मार्च को आई थी। इसके बाद इनको मृत घोषित करके इनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी गई। पूरे हरियाणा में ऐसे अनेक मामले हैं, जिनको सरकार निपटा नहीं रही।
रामबाण बताए जाने वाली सीएम विंडो पर किसी तरह का कोई समाधान नहीं होता। काफी बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत दी, लेकिन उनकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि बुढ़ापा पेंशन और फैमिली आईडी के नाम पर पूरे हरियाणा में यह घोटाला हो रहा है।

