जींद। जिले के गांव शादीपुर निवासी भारतीय सेना के जवान नायब सूबेदार नरेश लाठर का लेह-लद्दाख में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे और पिछले 22 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव शादीपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देश की सेवा में लंबा समय बिताने वाले जवान के असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
22 साल तक सेना में दी सेवाएं
जानकारी के अनुसार नरेश लाठर वर्तमान में लेह-लद्दाख में तैनात थे। उन्होंने अपने 22 साल के सैन्य कार्यकाल के दौरान देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द ही सेना से सेवानिवृत्त होकर घर लौटेंगे और अपनों के साथ समय बिताएंगे, लेकिन अचानक उनके निधन की खबर ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए पीछे
नरेश लाठर के परिवार में उनकी 39 वर्षीय पत्नी प्रीति, 15 वर्षीय बेटी चाहत और 13 वर्षीय बेटा अरमान हैं। उनकी पत्नी गृहणी हैं। बेटी चाहत 11वीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि बेटा अरमान नौवीं कक्षा का छात्र है।
पिता के असमय निधन से दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। जिस उम्र में बच्चों को पिता के मार्गदर्शन और सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, उसी उम्र में उन्हें यह बड़ा दुख सहना पड़ रहा है।
गांव में शोक की लहर
नरेश लाठर के निधन से गांव शादीपुर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। 22 वर्षों तक देश की सेवा करने वाले जवान के अचानक चले जाने से ग्रामीणों और परिचितों में गहरा दुख है। परिवार और गांव के लोग इस कठिन समय में उनके परिजनों के साथ खड़े हैं।
