पंजाब के फरीदकोट में डेरा प्रेमी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या को लॉरेंस गैंग के शूटरों द्वारा अंजाम देने की बात सामने आई है। इनमें 4 शूटर हरियाणा से और 2 शूटर फरीदकोट के बताए जा रहे हैं।
बता दें कि इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पहले ही अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट अपलोड कर ले चुका है। फिलहाल पंजाब पुलिस के अधिकारी मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
पंजाब पुलिस वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की धरपकड़ के लिए अलग अलग जिलों में छापामारी कर रही है। पुलिस टीमों ने फरीदकोट, खरड़ व बलौंगी समेत कई जगहों पर रेड की है। इसके अलावा फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद गैंगस्टरों का रिकॉर्ड खंगालने सहित हाल-फिलहाल में जमानत पर छूटे कैदियों की सूची भी तैयार की जा रही है, ताकि हत्यारों का पर्दाफाश हो सके।
उधर, परिवार ने प्रदीप सिंह का अंतिम संस्कार करने से इनकार किया है। परिवार ने इंसाफ मिलने तक संस्कार नहीं करने की बात कही है। वहीं पुलिस प्रदीप सिंह के परिजनों और डेरा कमेटी को मनाने के प्रयास में जुटी है, लेकिन पीड़ित परिवार में पंजाब सरकार और पुलिस विभाग के प्रति भारी रोष है।
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प्रदीप सिंह के परिवार ने कहा कि इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार ने इंसाफ में देरी होने पर प्रदीप के शव को चौराहे पर रखने से भी गुरेज नहीं करने की बात कही है। वहीं डेरे के समर्थक हरचरण सिंह ने कहा कि डेरा हमेशा अनुयायियों के साथ है और स्थानीय कमेटी भी परिवार के फैसले के साथ है।
पंजाब पुलिस ने फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में प्रदीप सिंह का पोस्टमार्टम करवा शव उसके परिवार को सौंप दिया था। इसके बाद परिवार ने शव को स्थानीय नामचर्चा घर में रखा है और इंसाफ मिलने तक संस्कार नहीं करने की बात कही है।
CM पंजाब भगवंत मान पंजाब के DGP समेत अन्यों को हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दे चुके हैं, लेकिन पंजाब पुलिस विभाग के CID विंग और मुखबिर तंत्र के हाथ फिलहाल तक कोई कामयाबी नहीं लगी है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ रही स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि AAP सरकार जिम्मेदारी से पीछे हट चुकी है। राजा वड़िंग ने कहा कि लोगों ने कानून अपने हाथों में लेकर हत्याएं करनी शुरू कर दी हैं, जो पंजाब के लिए खतरे की निशानी है। उन्होंने लोगों से हर कीमत पर शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का हल नहीं है। भाजपा और शिअद के नेताओं ने भी इस स्थिति को पंजाब के लिए खतरा बताया है।
हमलावरों की धरपकड़ के लिए कई पुलिस टीमें छापामारी करने में जुटी है। CCTV फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पंजाब की जेलों से हाल-फिलहाल में जमानत पर बाहर आए आरोपियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि वारदात को अंजाम देने वालों का सुराग हाथ लग सके।

