रोहतक में मांगों को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संघ ने प्रधान शंभू के नेतृत्व में हड़ताल करते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शहर के कई स्थानों पर कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खाली कीं। वहीं एक ट्रॉली पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी के बाहर भी उतारी गई।
कर्मचारियों ने हुड्डा की कोठी के बाहर कचरा डालकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
1 मई से हड़ताल पर कर्मचारी
नगर पालिका कर्मचारी 1 मई से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं।
इसी बीच नगर निगम में ठेके पर लगे कर्मचारियों और पक्के कर्मचारियों के बीच विवाद भी हो गया था। मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। फिलहाल पक्के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जबकि ठेके पर लगे कर्मचारी शहर से कचरा उठाने का काम कर रहे हैं।
कर्मचारियों की ये हैं मुख्य मांगें
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू ने बताया कि निगम में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों को 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता, पेट्रोल खर्च और मोबाइल फोन खर्च दिया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य लंबित मांगों को भी जल्द पूरा किया जाए।
