सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने गीता को रोजमर्रा की जिंदगी से जोडऩे का आह्वान किया है। वे रविवार को पं. श्रीराम रंगशाला में आयोजित जिला स्तरीय गीता महोत्सव के सायंकालीन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सरकार गीता का संदेश घर-घर तक पहुंचाना चाहती है। हम सबको मिलकर हर एक की जीवन शैली में गीता को लेकर जाना होगा।
उन्होंने बताया कि उन्होंने संसद में आवाज उठाई थी कि भगवत गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। उनकी इस मांग पर गौर करते हुए हाई पावर कमेटी ने गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की सिफारिश कर दी है। कहा कि पाठ्यक्रम में गीता के शामिल होने से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित होंगे और संस्कार से ही संस्कृति बनती है। इससे पहले डॉ अरविंद शर्मा ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
गीता जयंती समारोह के सायंकालीन सत्र में पंजाबी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कलाकार शमिन्द्र शम्मी ने सूफी अंदाज में अपनी प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। श्रोता उनके गीतों पर झूमने लगे। अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल ने शमिन्द्र शम्मी को गीता की पुस्तक व तुलसी का पौधा भेंटकर उनका सम्मान किया।
कार्यक्रम में मेयर मनमोहन गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल महम चीनी मिल के एमडी प्रदीप अहलावत, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेश कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार, नगराधीश ज्योति मित्तल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल, खंड शिक्षा अधिकारी आशा दहिया, प्राचार्या रेनू खत्री, वैश्य कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता, तरूण सन्नी शर्मा, महामंत्री धर्मबीर शर्मा, कुलविंदर सिंह सिक्का व मीना अटकाण मौजूद रहे।

