हिसार के गांव ढंडूर बीड से शुक्रवार को अलसुबह तेज़ बारिश के चलते एक मकान की कच्ची छत गिरने के गिरने से एक ही परिवार के ३ सदस्य माँ बाप व बेटी मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई है तो वहीं पिता का पैर टूट गया है। पड़ोसियों ने मिल कर जब तक तीनों को मलबे के नीचे से निकाला तब तक दो की मौत हो गई थी।
मृतकों में रानी देवी और उसकी भांजी की बेटी इंदू की मौत हो गई है। इंदू को रीना ने गोद लिया हुआ था। रानी देवी की उम्र करीब 45 साल और इंदू की उम्र 8 साल थी। वहीं मलबे के नीचे दबने से रीना देवी के पति भीम सिंह का पैर टूट गया। पुलिस ने हादसे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, करीब 3 बजे पड़ोसियों ने धड़ाम की आवाज सुनी और दौड़कर गए तो देखा कि भीम सिंह का परिवार मलबे के नीचे दबा है। उन्होंने तुरंत तीनों को मलबे से निकाला, लेकिन तब तक रीना और इंदू की मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई।
गांव के आरटीआई एक्टिविस्ट महेंद्र सिंह गेदर ने बताया कि भीम सिंह और उसकी पत्नी रानी देवी मजदूरी करते थे। मकान की छत कच्ची थी। भीम सिंह ने अपनी बहन गुडडो देवी की दोहती इंदू को गोद लिया हुआ था। बीपीएल परिवार का होने के बावजूद भी भीम सिंह को पक्का मकान बनाने के लिए राशि नहीं मिली थी। अब प्रशासन पीड़ित परिवार को ज्यादा से ज्यादा आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाए।

