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मां ने तोड़ी ममता की सारी हदें, पहले मासूम बेटे को 13वीं मंजिल से फेंका, फिर खुद…

एक मां के आंचल से ज़्यादा सुरक्षित कोई जगह नहीं होती  ऐसा हम हमेशा से मानते आए हैं। लेकिन गुजरात के सूरत से आई यह दिल दहला देने वाली खबर इस यकीन को झकझोर देती है। बुधवार की शाम एक मां ने पहले अपने मासूम दो साल के बेटे को 13वीं मंजिल से नीचे फेंका और फिर खुद भी उसी इमारत से छलांग लगाकर जीवन खत्म कर लिया। मां की ममता का ऐसा खौफनाक रूप देख हर किसी की रूह कांप उठी। यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन अनकहे दर्दों की चीख है, जो समय रहते समझे न जा सके।

पुलिस जांच के मुताबिक, पूजा नाम की महिला अपने दो साल के बेटे को लेकर 13वीं मंजिल पर पहुंची। वहां सबसे पहले उसने बेटे को बालकनी से नीचे फेंका और फिर कुछ सेकंड बाद खुद भी छलांग लगा दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ये घटना एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पूजा पहले बेटे को लेकर लिफ्ट से ऊपर जाती है और फिर यह भयावह कदम उठाती है।

बच्चा महज दो साल का था। शायद उसने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उसकी मां, जो उसकी सबसे बड़ी रक्षक थी, वही एक दिन उसे दुनिया से ऐसे बेरहमी से दूर कर देगी। यह एक ऐसी त्रासदी है जिसे समझना और स्वीकार करना बेहद मुश्किल है।

हैरानी की बात यह है कि जहां यह घटना हुई, वहां से केवल 20 मीटर की दूरी पर गणेशोत्सव का पंडाल लगा हुआ था। बावजूद इसके, वहां मौजूद किसी को भी इस हादसे की भनक तक नहीं लगी। जब सोसाइटी के एक शख्स ने मां-बेटे की लाशें नीचे फर्श पर देखीं, तब जाकर पुलिस को सूचना दी गई।

गुरुवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को और भी भावुक कर दिया है।

 क्या है आत्महत्या की वजह?

फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अभी तक आत्महत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है। ना ही परिवार वालों ने किसी घरेलू तनाव या मानसिक परेशानी की बात की है। महिला का परिवार आर्थिक रूप से भी संपन्न बताया जा रहा है। इसलिए यह मामला और भी रहस्यमयी बन गया है।

पुलिस ने मृतका पूजा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें मौजूद चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और बाकी जानकारियों की जांच की जा रही है। इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं  क्या महिलाएं या मांएं मानसिक रूप से इतनी परेशान हैं कि उन्हें बाहर से कुछ समझ ही नहीं आता? क्या हम समय रहते अपने आसपास किसी की मानसिक स्थिति का अंदाजा नहीं लगा सकते?

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई अपने आसपास किसी को मानसिक तनाव में देखता है, तो समय रहते मदद करें। किसी को अकेला महसूस होने से रोकना शायद किसी की जान बचा सकता है।

नोट: अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो कृपया अकेले न रहें और किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद जरूर लें। आप का जीवन अनमोल है। 

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